रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सेल कर्मी और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे किनूराम मुंडा उर्फ ढेले मुंडा के निधन से किरीबुरू शहर में शोक की लहर है। गुरुवार 25 जून की सुबह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda और पूर्व सांसद Geeta Koda ने किरीबुरू स्थित उनके आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किया और कफन चढ़ाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कोड़ा दंपति ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और परिजनों के साथ-साथ शहर के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

इलाज के दौरान रास्ते में हुई मौत
जानकारी के अनुसार, ढेले मुंडा गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें किरीबुरू से कोलकाता ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ओडिशा के क्योंझर के पास 24 जून की शाम उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

बंदगांव में होगा अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार, ढेले मुंडा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बंदगांव में किया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में थी मजबूत पहचान
ढेले मुंडा केवल सेल कर्मी ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय थे। वे आम लोगों के बीच अपनी मिलनसार छवि और जनसरोकारों के लिए पहचाने जाते थे। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और गीता कोड़ा के भी वे काफी करीबी माने जाते थे।

शहरवासियों ने भी दी श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर के बाद किरीबुरू के कई सामाजिक, राजनीतिक और श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने कहा कि ढेले मुंडा का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी सादगी, सामाजिक सक्रियता और लोगों के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।













