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सारंडा में पुलिस का हंटर, शराब माफियाओं के अड्डों पर चला बुलडोजर जैसा अभियान

On: June 24, 2026 12:30 PM
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टाटिबा के जंगल-पहाड़ में अवैध शराब भट्ठियां ध्वस्त, लाखों का माल तबाह

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

सारंडा के घने जंगलों में वर्षों से अपनी जड़ें जमा चुके अवैध शराब माफियाओं पर अब कानून का शिकंजा कसने लगा है। नशा मुक्त अभियान के तहत किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सारंडा के टाटिबा गांव के समीप जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 से 3 अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई सिर्फ अवैध कारोबार के खिलाफ नहीं, बल्कि पर्यावरण और समाज के दुश्मनों के खिलाफ सीधी जंग मानी जा रही है।

जंगल में छिपा था जहर का कारोबार

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटिबा के आसपास घने जंगलों और पहाड़ियों में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रोहित कुमार ने टीम गठित कर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस जब जंगल के भीतर पहुंची तो वहां कई जगहों पर अवैध भट्ठियां धधक रही थीं और दर्जनों प्लास्टिक ड्रमों में जावा महुआ फूलाकर शराब तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी।
पुलिस ने बिना देर किए इन जहरीले अड्डों को तहस-नहस कर दिया। मौके पर रखे गए जावा महुआ को नष्ट किया गया, प्लास्टिक ड्रम तोड़ दिए गए और शराब बनाने में उपयोग किए जाने वाले बर्तन, चूल्हे और अन्य उपकरणों को भी ध्वस्त कर दिया गया।

पुलिस देखते ही माफिया जंगल में हुए फरार

पुलिस की दबिश इतनी तेज और अचानक थी कि शराब माफियाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस टीम को देखते ही सभी माफिया घने जंगलों का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि पुलिस का मानना है कि उनकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में जबरदस्त खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार इस छापेमारी में माफियाओं को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

रोहित कुमार की सख्ती से अपराधियों में दहशत

किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार की लगातार सख्त कार्रवाई अब इलाके में चर्चा का विषय बन चुकी है। नशा, अपराध और माफियागिरी के खिलाफ उनका अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि पहली बार ऐसा लग रहा है कि पुलिस सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर उतरकर काम कर रही है।
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई की खुलकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि शराब माफियाओं ने गांव के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है और अब पुलिस की सख्ती से इस गंदे धंधे पर लगाम लगेगी।

जंगल काटकर चल रहा था मौत का कारोबार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि शराब भट्ठियों के आसपास भारी मात्रा में जंगलों से काटकर लाई गई लकड़ियां जमा थीं। इन लकड़ियों का इस्तेमाल शराब पकाने के लिए किया जा रहा था। यह सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं बल्कि सारंडा के पर्यावरण पर सीधा हमला था।
पुलिस ने इन लकड़ियों को भी सुरक्षात्मक तरीके से जला दिया ताकि दोबारा इनका इस्तेमाल न हो सके।
सवाल यह है कि आखिर अपनी जेब भरने के लिए ये माफिया सारंडा जैसे एशिया के प्रसिद्ध जंगल को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं? हर कटता पेड़, हर जलती लकड़ी और हर उबलती भट्ठी पर्यावरण के सीने पर घाव बन रही है।

स्वास्थ्य के साथ हो रहा था खुला खिलवाड़

अवैध महुआ शराब सिर्फ कानून के खिलाफ नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी के लिए भी खतरा है। बिना किसी मानक और सुरक्षा के तैयार की जाने वाली यह शराब कई बार जानलेवा साबित होती है। जहरीली शराब पीने से देशभर में हर साल सैकड़ों मौतें होती हैं।
सारंडा क्षेत्र में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां अवैध शराब ने परिवारों को बर्बाद किया है। गरीब मजदूरों और युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वाले ये माफिया समाज के असली गुनहगार हैं।

नशा मुक्त समाज के लिए जरूरी है ऐसी कार्रवाई

पुलिस की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि अब नशे के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। अगर इसी तरह लगातार अभियान चलता रहा तो सारंडा को नशा मुक्त बनाने का सपना साकार हो सकता है।
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने कहा कि अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

सारंडा को बचाना है तो माफियाओं पर वार जरूरी

सारंडा सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि यहां के हजारों वनवासियों की जिंदगी, आजीविका और पहचान है। अगर शराब माफियाओं के हाथों इसका विनाश होता रहा तो आने वाली पीढ़ियां सिर्फ उजड़े हुए पहाड़ और बंजर जमीन देखेंगी।
ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ कानून व्यवस्था की जीत नहीं, बल्कि पर्यावरण, स्वास्थ्य और समाज की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। अब जरूरत है कि प्रशासन, वन विभाग और आम जनता मिलकर ऐसे माफियाओं के खिलाफ एकजुट हों।
साफ है—जो जंगल जलाएगा, जो समाज को नशे में डुबोएगा, कानून अब उसे बख्शने वाला नहीं है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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