मेघाहातुबुरु में चोरों का बढ़ता आतंक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
रिपोर्ट शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु स्थित सेल के मेंटेनेंस सिविल ऑफिस में चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात अज्ञात चोरों ने ऑफिस परिसर के तीन स्टोर रूम का ताला तोड़कर लगभग 30 हजार रुपये मूल्य की वेल्डिंग मशीन, कटर/ग्राइंडिंग मशीन, दो एक्सटेंशन बोर्ड (कॉपर केबल सहित), चार पुराने पंखे तथा अन्य सामान की चोरी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जमशेदपुर से खरीदी गई थी नई मशीनें
सेल के ठेकेदार बोरेन और शिबू सरकार ने बताया कि वे 12 जून को ही अपने घर से मशीनें और अन्य उपकरण लाकर स्टोर रूम में रखे थे। इनमें वेल्डिंग मशीन और एक्सटेंशन बोर्ड बिल्कुल नए थे, जिन्हें हाल ही में जमशेदपुर से खरीदा गया था। रात के अंधेरे में चोरों ने ताला तोड़कर सभी सामान पर हाथ साफ कर दिया और फरार हो गए।
एक ही परिसर में कई बार हो चुकी है चोरी
स्थानीय लोगों के अनुसार मेंटेनेंस सिविल ऑफिस में यह पहली घटना नहीं है। अब तक यहां छह से सात बार चोरी की वारदात हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सेल प्रबंधन की ओर से स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। न तो पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।

एक दिन पहले ठेकेदार कॉलोनी में भी हुई थी चोरी
इस घटना से ठीक एक दिन पहले ठेकेदार कॉलोनी में सेल के ठेकेदार डी.के. सिंह के घर में दिनदहाड़े एक नाबालिग चोर घुस गया और मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। मामले की शिकायत थाना में दर्ज कराई गई थी।
हालांकि अगले ही दिन जब आरोपी चोरी का मोबाइल ठीक कराने अथवा बेचने के लिए एक स्थानीय मोबाइल दुकानदार के पास पहुंचा, तो दुकानदार को संदेह हुआ। उसने मोबाइल अपने पास रखकर उसके वास्तविक मालिक को सूचना दी, जिसके बाद डी.के. सिंह को उनका चोरी हुआ मोबाइल वापस मिल गया।
पुलिस की सलाह पर भी नहीं जागा प्रबंधन
सूत्रों के अनुसार किरीबुरू थाना प्रभारी कई बार सेल प्रबंधन को पत्र लिखकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। परिणामस्वरूप चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
बढ़ती चोरियों से लोगों में आक्रोश
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोग, कर्मचारी और ठेकेदार दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि सक्रिय चोर गिरोह पर कठोर कार्रवाई कर उसके सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
सामाजिक चुनौती भी बन रहा है बाल अपराध
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि चोरी की कुछ घटनाओं में ऐसे बेसहारा और लावारिस बच्चे भी शामिल पाए जाते हैं, जो पारिवारिक विघटन, अत्यधिक गरीबी या अभिभावकों की उपेक्षा के कारण असुरक्षित जीवन जी रहे हैं। कई बच्चे रात-दिन इधर-उधर भटकते हैं और गलत संगत में पड़कर आपराधिक गतिविधियों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका की पुष्टि हो सकेगी।

सुरक्षा और सामाजिक पुनर्वास, दोनों की जरूरत
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, नियमित गश्त और बेसहारा बच्चों के पुनर्वास के लिए सामाजिक एवं प्रशासनिक पहल भी समय की मांग है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र में चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।













