बच्चों के हाथों में किताब, समाज के भविष्य को नई दिशा देने की पहल
गुवा संवाददाता।
गुवा के कैलाश नगर में शुक्रवार की शाम सामाजिक बदलाव और बाल अधिकारों के संरक्षण के नाम रही। बाल अधिकार एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में कैलाश नगर को औपचारिक रूप से बाल श्रम मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, बाल सुरक्षा और नशा मुक्ति को लेकर व्यापक जनजागरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया और यह संकल्प दोहराया कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा मजदूरी नहीं करेगा, बल्कि विद्यालय जाकर शिक्षा प्राप्त करेगा।

शिक्षा को बताया बच्चों का सबसे बड़ा अधिकार
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है, जब उसके बच्चे शिक्षित और सुरक्षित हों। बाल श्रम बच्चों के बचपन, शिक्षा और भविष्य को छीन लेता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को श्रम से दूर रखकर स्कूल से जोड़े।
वक्ताओं ने अभिभावकों से अपील की कि वे आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को मजदूरी की ओर न धकेलें, बल्कि उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दें।
बाल श्रम के खिलाफ एकजुट हुआ समाज
इस अवसर पर गुवा पश्चिमी पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी, गुवा पूर्वी पंचायत की मुखिया चांदमनी लागुरी, बाल अधिकार सुरक्षा मंच की सलाहकार पदमा केसरी, समाजसेवी गीता देवी, एस्पायर संस्था की प्रतिनिधि शताक्षी दास, ममता देवी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। यदि समुदाय जागरूक हो जाए तो किसी भी बच्चे का बचपन मजदूरी की भेंट नहीं चढ़ेगा।
महिलाओं को किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष रूप से जागरूक करते हुए बताया गया कि बच्चों को विद्यालय भेजना केवल परिवार नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्हें बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा और बाल श्रम निषेध कानूनों की जानकारी भी दी गई ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रह सकें।
बाल अधिकारों की रक्षा में सक्रिय महिलाओं का सम्मान
समारोह में उन महिलाओं को सम्मानित किया गया जो समाज में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बाल श्रम में संलग्न बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
नशा मुक्ति और बाल श्रम उन्मूलन की सामूहिक शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने बाल श्रम उन्मूलन और नशा मुक्ति को लेकर सामूहिक शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में बाल श्रम तथा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे और हर बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे।
सामाजिक बदलाव की मजबूत पहल
कैलाश नगर को बाल श्रम मुक्त घोषित करना केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल इस संदेश को मजबूत करती है कि जब पंचायत, सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय नागरिक एक साथ आगे आते हैं, तब बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बेहतर भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।














