झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने किया आंदोलन का ऐलान, सोमवार को अस्पताल घेराव की चेतावनी
गुवा संवाददाता
गुवा सेल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कथित बदहाली और बायोमेट्रिक प्रणाली के विरोध को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। शुक्रवार देर शाम गुवा रेलवे मार्केट स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक में सेलकर्मियों, ठेका मजदूरों, सफाई कर्मियों और आसपास के ग्रामीणों ने अस्पताल की विभिन्न समस्याओं पर गहरी चिंता जताते हुए प्रबंधन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।
बैठक की अध्यक्षता यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन मजदूरों और आम लोगों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी कर रहा है, जिसे यूनियन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

“मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं” : रामा पांडे
बैठक को संबोधित करते हुए रामा पांडे ने कहा कि गुवा सेल अस्पताल लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन इसके समाधान के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल सेलकर्मियों ही नहीं, बल्कि आसपास के हजारों ग्रामीणों के लिए भी स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मजदूरों और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।
बैठक में उठीं अस्पताल सुधार की प्रमुख मांगें
बैठक में अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें प्रमुख रूप से—
* अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति।
* अस्पताल परिसर और शौचालयों की नियमित एवं समुचित सफाई।
* मरीजों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार।
* मधुमेह रोगियों के लिए अलग पौष्टिक एवं संतुलित आहार की व्यवस्था।
* आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए एक्स-रे मशीन की स्थापना।
* अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता।
मजदूरों का कहना था कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किए बिना बेहतर चिकित्सा सेवा की कल्पना नहीं की जा सकती।

मलेरिया नियंत्रण को लेकर भी उठी आवाज
बैठक में बरसात के मौसम को देखते हुए मलेरिया और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपायों पर भी जोर दिया गया।
यूनियन ने मांग की कि मजदूर आवासों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से डीडीटी का छिड़काव कराया जाए। साथ ही फॉगिंग मशीन के माध्यम से मच्छरों और उनके लार्वा के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि संभावित बीमारियों से लोगों को बचाया जा सके।
बायोमेट्रिक प्रणाली का भी किया विरोध
बैठक में बायोमेट्रिक प्रणाली को लागू नहीं करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। यूनियन नेताओं का कहना था कि इस व्यवस्था को लेकर मजदूरों के बीच कई तरह की व्यावहारिक समस्याएं हैं, जिनका समाधान किए बिना इसे लागू करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि मजदूर हितों की अनदेखी कर किसी भी नई व्यवस्था को थोपा गया तो उसका विरोध किया जाएगा।
सोमवार को अस्पताल घेराव का ऐलान
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इसी क्रम में यूनियन ने आगामी सोमवार को शाम 4 बजे गुवा सेल अस्पताल का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों, कर्मचारियों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।

आंदोलन को सफल बनाने का लिया संकल्प
बैठक में मौजूद मजदूरों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि अस्पताल की समस्याएं केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि प्रबंधन समय रहते सकारात्मक पहल करता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है, अन्यथा आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।











