थाना प्रभारी रोहित कुमार की सूझबूझ और अथक जांच से खुली सड़क हादसे की गुत्थी, आरोपी अजंता कंडुलना गिरफ्तार
रिपोर्ट : शैलेश सिंह |
किरीबुरू थाना पुलिस ने सड़क दुर्घटना के एक चर्चित मामले का खुलासा करते हुए प्रोस्पेक्टिंग निवासी अजंता कंडुलना (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर रविवार, 27 जुलाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। यह कार्रवाई मेघाहातुबुरु के सेल कर्मी सचिन करण की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में की गई है।

पहले हादसा माना जा रहा था, जांच में सामने आई सच्चाई
कुछ दिन पहले सारंडा सुवन छात्रावास के समीप रात में सचिन करण गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें इलाज के लिए इस्पात जनरल अस्पताल, राउरकेला ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर लोगों को लगा कि सचिन स्वयं मोटरसाइकिल से दुर्घटनाग्रस्त हुए थे, लेकिन किरीबुरू थाना पुलिस की गहन जांच ने पूरी कहानी बदल दी।
थाना प्रभारी की मेहनत लाई रंग
थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की बारीकी से जांच की। लगातार की गई पड़ताल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि सचिन की मोटरसाइकिल को अजंता कंडुलना की तेज एवं लापरवाही से चलाई जा रही मोटरसाइकिल ने टक्कर मारी थी।
टक्कर मारकर घायल को तड़पता छोड़ भागा
पुलिस के अनुसार, टक्कर लगने के बाद सचिन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन आरोपी ने मानवता दिखाने के बजाय सबसे बड़ी लापरवाही की। उसने न तो घायल की मदद की और न ही अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बजाय वह घटनास्थल से फरार हो गया। उसे लगा कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर वह पुलिस की पकड़ से बच जाएगा, लेकिन उसकी यह सोच गलत साबित हुई।
बिना ड्राइविंग लाइसेंस चला रहा था बाइक
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी अजंता कंडुलना के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान
पुलिस का मानना है कि यदि दुर्घटना के तुरंत बाद घायल सचिन को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया जाता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। घटना के बाद घायल को असहाय छोड़कर भागना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के भी विपरीत है।
पुलिस की अपील: हादसा दिखे तो मदद करें, भागें नहीं
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति की तुरंत मदद करें और उसे निकटतम अस्पताल पहुंचाने या पुलिस एवं एंबुलेंस को तत्काल सूचना दें। उन्होंने कहा कि घायल की मदद करने वाले “गुड समैरिटन” (नेक नागरिक) को कानून संरक्षण देता है और पुलिस ऐसे लोगों का सम्मान भी करेगी।
लापरवाही और अमानवीयता दोनों पड़े भारी
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सड़क पर तेज और लापरवाही से वाहन चलाना जितना खतरनाक है, उससे कहीं अधिक गंभीर अपराध दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तड़पता छोड़कर भाग जाना है। किरीबुरू थाना पुलिस की सक्रिय जांच ने आरोपी को कानून के शिकंजे तक पहुंचाकर यह संदेश दिया है कि दुर्घटना कर भागने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।














