मुखिया पद्मिनी लागुरी ने ग्रामीणों को कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में गुवा के पश्चिमी पंचायत में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पश्चिमी पंचायत भवन परिसर में पंचायत की मुखिया पद्मिनी लागुरी के नेतृत्व में भष्मीकरण यंत्र (इंसिनरेटर) स्थापित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कचरे के वैज्ञानिक निपटान की जानकारी दी गई।

कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था की शुरुआत
मुखिया पद्मिनी लागुरी ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ कचरे का सुरक्षित निपटान एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में भष्मीकरण यंत्र स्वच्छता अभियान को मजबूती देने का प्रभावी माध्यम साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस उपकरण के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ज्वलनशील और जैविक अपशिष्टों का सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जा सकता है।
ग्रामीणों को बताया भष्मीकरण यंत्र का महत्व
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि भष्मीकरण यंत्र का उपयोग कचरा, जैविक अपशिष्ट, अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट, मृत पशुओं के अवशेष तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थों को उच्च तापमान पर जलाकर नष्ट करने के लिए किया जाता है। इससे गंदगी कम होती है, संक्रमण फैलने की आशंका घटती है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
स्वच्छता से ही स्वस्थ समाज का निर्माण
मुखिया ने कहा कि स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की पहचान है। यदि हर व्यक्ति कचरे को निर्धारित स्थान पर डाले और स्वच्छता के नियमों का पालन करे, तो गांव को साफ-सुथरा और बीमारियों से मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम में लोगों को यह भी समझाया गया कि अनियंत्रित कचरा और गंदगी न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कई संक्रामक बीमारियों का कारण भी बनते हैं। भष्मीकरण यंत्र के उपयोग से कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और स्वच्छ गांव के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों ने लिया स्वच्छ पंचायत बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का सही तरीके से निपटान करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे स्वच्छ गांव और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वच्छता की ओर बढ़ता पश्चिमी पंचायत
पश्चिमी पंचायत भवन में भष्मीकरण यंत्र की स्थापना केवल एक उपकरण लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामुदायिक जिम्मेदारी का संदेश भी है। यदि ऐसी पहल लगातार जारी रही, तो गांवों में स्वच्छ और स्वस्थ जीवनशैली को नई दिशा मिल सकती है।











