बारिश ने बढ़ाई परेशानी, मैगजीन लेबल क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन; मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर 10 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन 13 अगस्त को चौथे दिन भी यथावत शांतिपूर्ण रूप से जारी रहा। मानकी लागुड़ा देवगम, गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, झामुमो नेता बृंदावन गोप एवं विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में ग्रामीण और बेरोजगार युवा मैगजीन लेबल क्षेत्र में आंदोलन पर डटे रहे।

मूसलाधार बारिश भी नहीं तोड़ सकी आंदोलनकारियों का हौसला
चौथे दिन आंदोलनकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारी वर्षा रही। लगातार बारिश के कारण आंदोलन स्थल पर मौजूद ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए आंदोलनकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन खराब मौसम के बावजूद उन्होंने आंदोलन समाप्त नहीं किया और अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से डटे रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, जब तक पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मैगजीन लेबल क्षेत्र में लगातार चौथे दिन प्रदर्शन
10 अगस्त को रांजाबुरु खदान में शुरू हुए आंदोलन के पहले दिन स्क्रीनिंग मशीन समेत खदान की गतिविधियों को बाधित किया गया था। इसके बाद 11 अगस्त से आंदोलन का स्थान बदलकर मैगजीन लेबल क्षेत्र कर दिया गया। 13 अगस्त को चौथे दिन भी इसी क्षेत्र में सुबह से आंदोलन जारी रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य पूर्व में हुए समझौते में तय मांगों को लागू कराना है।
स्थानीय रोजगार को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों ने एक बार फिर कहा कि खदान प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, रैक लोडिंग और ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी सहित अन्य मांगों को लागू किया जाना चाहिए।
आंदोलनकारियों का आरोप है कि खदान से होने वाले प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान का खामियाजा स्थानीय ग्रामीण भुगतते हैं, लेकिन रोजगार के अवसरों में उन्हें अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
बारिश में भी नारे और आंदोलन का सिलसिला जारी
आंदोलनकारियों ने कहा कि लगातार बारिश के बावजूद उनका उत्साह कम नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती और पूर्व में हुए लिखित समझौते के बिंदुओं को लागू करने की दिशा में स्पष्ट कार्रवाई नहीं की जाती।
मानकी लागुड़ा देवगम, मुखिया राजू सांडिल, बृंदावन गोप सहित विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में ग्रामीण चौथे दिन भी आंदोलन में डटे रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि बारिश ने परेशानी जरूर बढ़ाई है, लेकिन उनके संकल्प को कमजोर नहीं किया है।













