मुकेश बोले—“मैं प्रशासन और न्यायपालिका में विश्वास रखने वाला नागरिक हूं, मेरी दुकान और पुश्तैनी मकान के वैध दस्तावेज मौजूद”
जमीन के स्वामित्व को लेकर भी उठाया सवाल, कहा—मामला ऊपरी न्यायालय में लंबित, प्रशासन पर पूरा भरोसा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
बुंडू। बुंडू मेन रोड स्थित दुकान को लेकर विधवा महिला मीना देवी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब दूसरे पक्ष मुकेश कुमार जायसवाल ने अपना पक्ष सामने रखा है। मुकेश जायसवाल ने मीना देवी द्वारा लगाए गए आरोपों को एकतरफा बताते हुए कहा है कि वह प्रशासन और न्यायपालिका में विश्वास रखने वाले नागरिक हैं तथा पूरे मामले का समाधान कानून और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही चाहते हैं।

दुकान के स्वामित्व पर मुकेश ने पेश किया अपना दावा
मुकेश जायसवाल का कहना है कि जिस दुकान को लेकर विवाद चल रहा है, वह खाता संख्या 485 और प्लॉट संख्या 1750 में स्थित है। उनके अनुसार इसी प्लॉट में उनका पुश्तैनी मकान भी है, जहां उनका परिवार दशकों से रह रहा है।
उन्होंने दावा किया कि उक्त जमीन से संबंधित रजिस्टर-2, ऑनलाइन लगान रसीद और खतियान उनकी दादी सुहासिनी देवी के नाम दर्ज हैं। उनका कहना है कि सरकारी नक्शे के अनुसार कुल 7.75 डिसमिल जमीन में से 5.75 डिसमिल भूमि उनके कब्जे में है।
दो डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप
मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया कि शेष लगभग 2 डिसमिल जमीन पर मीना देवी के सगे-संबंधियों द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भू-राजस्व सचिव, निदेशक, उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिया है।
उनके अनुसार, उनके आवेदन पर भू-राजस्व विभाग ने संज्ञान लेते हुए उपायुक्त एवं अंचल अधिकारी से रिपोर्ट भी मांगी है।
किराये के मामले को भी बताया विवादित
मुकेश जायसवाल ने मीना देवी की ओर से उठाए गए किराया एवं दुकान खाली कराने के मामले पर भी अपना पक्ष रखा। उनका दावा है कि जिस एग्रीमेंट के आधार पर किराये का मामला बताया जा रहा है, वह खाता संख्या 1358 और प्लॉट संख्या 1737 से संबंधित है, जबकि उनका कहना है कि इस दस्तावेज से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व एसडीएम द्वारा उनका पक्ष सुने बिना फैसला दिया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने ऊपरी न्यायालय में याचिका दाखिल की है।
‘प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा‘
मुकेश जायसवाल का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद मीना देवी और उनके संबंधियों द्वारा प्रशासन पर अनधिकृत दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें प्रशासन पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि पूरे दस्तावेज एवं तथ्यों की जांच के बाद उन्हें न्याय मिलेगा।
‘कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा’
मुकेश जायसवाल ने कहा कि वह किसी प्रकार के टकराव के पक्षधर नहीं हैं। उनका कहना है कि जमीन, दुकान के स्वामित्व और किराये से संबंधित सभी विवादों का समाधान कानूनी एवं न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनके पास अपनी दावेदारी के समर्थन में दस्तावेज उपलब्ध हैं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी उन्होंने अपना पक्ष रखा है।
अब दोनों पक्षों के दावों पर प्रशासनिक जांच अहम
मीना देवी जहां न्यायालय के आदेश के आधार पर दुकान का कब्जा दिलाने की मांग कर रही हैं, वहीं मुकेश जायसवाल दुकान और जमीन के स्वामित्व पर अपना दावा करते हुए मामले के ऊपरी न्यायालय में लंबित होने की बात कह रहे हैं। ऐसे में पूरे विवाद में राजस्व अभिलेख, जमीन की मापी, संबंधित न्यायालय के आदेश और लंबित याचिका की स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है।
अब यह देखना अहम होगा कि संबंधित प्रशासनिक एवं न्यायिक स्तर पर दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद क्या निर्णय सामने आता है।













