भ्रष्टाचार नक्सल खदान
अपराध राजनीति खेल समस्या स्वास्थ्य कार्यक्रम शिक्षा दुर्घटना सांस्कृतिक मनोरंजन मौसम कृषि ज्योतिष काम

तितलीघाट पास पुल टूटा, बड़ा हादसा इंतजार में!

On: August 22, 2026 7:27 PM
Follow Us:
तितलीघाट पास पुल टूटा, बड़ा हादसा इंतजार में!
---Advertisement---

मनोहरपुर-बड़ाजामदा/किरीबुरू मुख्य मार्ग पर पुल में बना खतरनाक होल, सैकड़ों भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा खतरा

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

किरीबुरू। मनोहरपुर से बड़ाजामदा और किरीबुरू को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मुख्य सड़क मार्ग पर छोटानागरा पंचायत अंतर्गत तितलीघाट गांव के समीप पुल का एक बड़ा हिस्सा टूट जाने से गंभीर हादसे का खतरा मंडराने लगा है। पुल के टूटे हिस्से में बड़ा होल बन गया है, जो लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कभी भी और अधिक बड़ा होकर पुल की संरचना को कमजोर कर सकता है।

भारी वाहनों के दबाव से बढ़ रहा खतरा

यह सड़क सारंडा क्षेत्र को झारखंड के अन्य हिस्सों के साथ-साथ ओड़िशा के बड़बिल और राउरकेला जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों भारी मालवाहक वाहनों के अलावा यात्री वाहन, छोटी-बड़ी गाड़ियां और ग्रामीणों के वाहन गुजरते हैं।
ऐसे में पुल के बीच बने बड़े गड्ढे और टूटे हिस्से से वाहनों के गुजरने के दौरान पुल पर लगातार भारी दबाव पड़ रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो टूटे हिस्से का दायरा बढ़ सकता है और पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है।

कुछ साल पहले भी इसी स्थान पर टूटा था पुल

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व भी इसी स्थान पर पुल क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद इसकी मरम्मत कराई गई थी। लेकिन अब उसी स्थान पर दोबारा पुल टूट जाने से निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल की मरम्मत केवल ऊपरी सतह तक सीमित रखी गई और पुल की वास्तविक संरचनात्मक मजबूती की जांच नहीं की गई, तो ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होना गंभीर चिंता का विषय है।

सुरक्षा घेरा तक नहीं, दुर्घटना का खतरा

पुल के टूटे हिस्से के आसपास तत्काल मजबूत सुरक्षा घेरा, चेतावनी संकेत और पर्याप्त बैरिकेडिंग की जरूरत है। रात के समय इस स्थान पर खतरा और बढ़ जाता है। तेज गति से आने वाले वाहन चालक यदि समय रहते टूटे हिस्से को नहीं देख पाए तो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और छोटे वाहनों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है।

पुल टूटा तो दो राज्यों का संपर्क हो सकता है प्रभावित

यह सड़क केवल स्थानीय आवागमन का माध्यम नहीं है। यह सारंडा क्षेत्र से झारखंड और ओड़िशा के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। बड़बिल और राउरकेला की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में लोग और मालवाहक वाहन इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।
यदि पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन बंद हुआ तो इसका सीधा असर दोनों राज्यों के लोगों पर पड़ेगा।

तितलीघाट पास पुल टूटा, बड़ा हादसा इंतजार में!

आम जनता को हो सकती हैं ये परेशानियां

पुल के पूरी तरह टूटने की स्थिति में लोगों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है—
* बड़ाजामदा, किरीबुरू, मनोहरपुर और ओड़िशा के बीच आवागमन प्रभावित हो सकता है।
* बड़बिल और राउरकेला जाने वाले यात्रियों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
* भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित होने से खनिज और अन्य माल के परिवहन पर असर पड़ सकता है।
* स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और जरूरी काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है।
* आपात स्थिति में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी परेशानी हो सकती है।
* सड़क बंद होने पर दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
* वैकल्पिक मार्गों पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।

प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद मरम्मत शुरू करने के बजाय प्रशासन को संभावित हादसे को रोकने के लिए अभी से कदम उठाना चाहिए।
पहले चरण में टूटे हिस्से के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पुल की तकनीकी जांच कराई जाए। इसके बाद पुल की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

हादसा होने से पहले जागे प्रशासन

तितलीघाट पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? पुल में बना बड़ा होल लगातार खतरे का संकेत दे रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन यह खतरनाक गड्ढा बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।
जनता की मांग है कि जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग तत्काल कार्रवाई कर पुल की स्थिति की जांच कराए और स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि झारखंड और ओड़िशा के बीच इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुरक्षित बना रहे।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment