मानकी लागुड़ा देवगम और मुखिया राजू सांडिल के नेतृत्व में आंदोलन जारी, मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने का ऐलान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार समेत पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू कराने की मांग को लेकर 10 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन 22 अगस्त को लगातार 13वें दिन भी जारी रहा। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले चल रहे आंदोलन का नेतृत्व मानकी लागुड़ा देवगम और गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में विभिन्न गांवों के ग्रामीण, महिला-पुरुष, बेरोजगार युवा और मुंडा लगातार आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं।

13 दिनों से आंदोलन पर डटे ग्रामीण
आंदोलन के 13वें दिन भी ग्रामीण मैगजीन लेबल क्षेत्र में शांतिपूर्ण तरीके से डटे रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अब तक ठोस समाधान नहीं हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष का संकल्प बरकरार है।
मां सरला ठेका कंपनी से हुए लिखित समझौते को लागू करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में मां सरला नामक ठेका कंपनी के साथ स्थानीय रोजगार एवं अन्य मांगों को लेकर लिखित समझौता हुआ था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि समझौते में तय कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में खदान प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, रैक लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी तथा समझौते में तय अन्य कार्यों में स्थानीय लोगों को अवसर देना शामिल है।
स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने पर जोर
आंदोलनकारियों का कहना है कि खदान क्षेत्र से प्रभावित स्थानीय गांवों के बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के बजाय विभिन्न कार्यों में बाहरी लोगों को अवसर दिया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
मानकी लागुड़ा देवगम और मुखिया राजू सांडिल के नेतृत्व में आंदोलनकारी लगातार मांग कर रहे हैं कि स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे का स्थायी समाधान किया जाए और पूर्व में हुए लिखित समझौते का पूरी तरह पालन हो।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। मां सरला ठेका कंपनी से हुए लिखित समझौते की मांगों को पूरी तरह लागू किए जाने तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
13वें दिन भी ग्रामीणों की एकजुटता बनी रही। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक मैगजीन लेबल क्षेत्र में उनका आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।













