महिला-पुरुषों की बड़ी भागीदारी, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार समेत पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू कराने की मांग को लेकर 10 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन 17 अगस्त को लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष आंदोलन स्थल पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

भारी बारिश में भी नहीं डिगा ग्रामीणों का हौसला
आठवें दिन मौसम खराब रहा और क्षेत्र में भारी वर्षा हुई। इसके बावजूद आंदोलनकारियों की संख्या में कमी नहीं आई। महिला और पुरुष ग्रामीणों ने बारिश के बीच आंदोलन स्थल पर डटे रहकर यह संदेश दिया कि प्राकृतिक परिस्थितियां भी उनके आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकतीं।
ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और पूर्व में हुए लिखित समझौते के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए जब तक मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
मुंडा और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
आंदोलन के आठवें दिन गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, मानकी लागुड़ा देवगम, मुंडा बुधराम सिद्धू, मुंडा कुशु देवगम, मुंडा जामदेव चांपिया, मुंडा जानुम सिंह चेरोवा, मुंडा लेबेया देवगम, मुंडा राजेश सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे।
नेतृत्वकर्ताओं ने ग्रामीणों के साथ बारिश के बावजूद आंदोलन स्थल पर अपनी मौजूदगी बनाए रखी और मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की।
स्थानीय रोजगार और समझौते के पालन की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में खदान प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, रैक लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी तथा पूर्व में हुए लिखित समझौते के अन्य बिंदुओं को लागू करना शामिल है।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र में वर्षों से स्थानीय लोगों की जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों पर प्रभाव पड़ रहा है, ऐसे में रोजगार एवं विकास का लाभ भी स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर मिलना चाहिए।
‘मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन’
आंदोलनकारियों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और मांगें पूरी होने तक इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से अब आंदोलन समाप्त नहीं होगा। पूर्व में हुए लिखित समझौते के सभी बिंदुओं को धरातल पर लागू करने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
भारी बारिश के बावजूद आठवें दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने आंदोलनकारियों के संकल्प और एकजुटता को दर्शाया। आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।





















