शिव मंदिर और राम मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना, भक्तों ने लगाए जय कन्हैया लाल के जयकारे
गुवा संवाददाता।
गुवा योगनगर स्थित शिव मंदिर एवं रामनगर स्थित राम मंदिर परिसर में बुधवार देर शाम बाल गोपाल का छठिहारि उत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के छठवें दिन छठिहारि उत्सव मनाने की परंपरा के तहत दोनों मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।

दूध से कराया बाल गोपाल का स्नान
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी नागेंद्र पाठक ने बाल गोपाल की प्रतिमा को विधि-विधान से दूध से स्नान कराया। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र धारण कराकर आकर्षक शृंगार किया गया और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।
बच्चों के बीच बांटा गया भोग और मिष्ठान
पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में स्थानीय बच्चों के बीच भोग एवं मिष्ठान का वितरण किया गया। बच्चों में भी उत्सव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ से गूंजा मंदिर परिसर
बच्चों ने मंदिर की परिक्रमा करते हुए “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष लगाए। जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

दुर्गा-माधव के रूप में हुआ झूला उत्सव
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण जन्म के दिन आदिशक्ति ने भी जन्म लिया था। इसी धार्मिक परंपरा के तहत मंदिर परिसर में दुर्गा-माधव के रूप में मां दुर्गा एवं भगवान श्रीकृष्ण को झूला झुलाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं के बीच महाभोग प्रसाद
उत्सव के दौरान शाम छह बजे से रात 12 बजे तक श्रद्धालुओं के बीच महाभोग प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने मंदिर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और सामूहिक भोजन में शामिल हुए।

सीआईएसएफ जवानों सहित कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में सीआईएसएफ के जवानों के अलावा सेल के सीजीएम कमल भास्कर, सेल अधिकारी राकेश नंदकोलियर, डॉ. टीसी आनंद, संजय बनर्जी, पंकज गुप्ता, राम नारायण सिंह, संतोष बेहेरा, सीमा प्रधान, विनीता पान, सुरेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ उत्सव
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण एवं मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।












