छोटानागरा और दीघा पंचायत में एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग, पूर्व जिला परिषद सदस्य बामिया माझी ने सांसद जोबा माझी से लगाई गुहार
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत दुर्गम सारंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी आज भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। विशेषकर छोटानागरा और दीघा पंचायत के ग्रामीणों को गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा अचानक स्वास्थ्य संकट की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सबसे बड़ी जरूरत
छोटानागरा एवं दीघा पंचायत के ग्रामीणों के लिए समय पर एंबुलेंस उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक ले जाने में सबसे बड़ी समस्या परिवहन की होती है। निजी वाहन नहीं मिलने अथवा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता।
डॉक्टर और चिकित्सा सुविधा की कमी से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सारंडा जैसे दुर्गम और वन क्षेत्र में पर्याप्त चिकित्सक, चिकित्सा कर्मी, जरूरी दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण सामान्य बीमारी भी कई बार गंभीर रूप ले लेती है। स्थानीय स्तर पर समुचित उपचार नहीं मिलने पर मरीजों को मनोहरपुर, चाईबासा अथवा अन्य बड़े स्वास्थ्य केंद्रों की ओर ले जाना पड़ता है।
दवा और प्राथमिक उपचार की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता और तत्काल प्राथमिक उपचार की सुविधा को मजबूत करने की भी आवश्यकता है। विशेषकर रात के समय अथवा आपात स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है।
समय पर अस्पताल पहुंचना बन रहा चुनौती
सारंडा की भौगोलिक परिस्थितियां भी स्वास्थ्य सेवाओं की राह में बड़ी चुनौती हैं। दुर्गम गांवों से मरीजों को मुख्य सड़क और अस्पताल तक पहुंचाने में समय लग जाता है। ऐसे में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होने पर गंभीर मरीजों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सकता है।
सांसद जोबा माझी से एक-एक एंबुलेंस की मांग
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए बामिया माझी, पूर्व जिला परिषद सदस्य सह झामुमो जिला कमिटी सदस्य ने पश्चिमी सिंहभूम लोकसभा सांसद श्रीमती जोबा माझी से छोटानागरा एवं दीघा पंचायत के लिए एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने सांसद को दिए आवेदन में कहा है कि दोनों पंचायतों के ग्रामीण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक स्वास्थ्य संकट की स्थिति में तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
‘एंबुलेंस मिलने से बच सकती हैं ग्रामीणों की जान’
बामिया माझी ने कहा कि सारंडा के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। छोटानागरा और दीघा पंचायत में एंबुलेंस उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा और आपात स्थिति में बहुमूल्य समय बचाया जा सकेगा। उन्होंने सांसद जोबा माझी से ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर देखते हुए दोनों पंचायतों के लिए एक-एक एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद की पहल से सारंडा के सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा को मजबूती मिलेगी और जरूरत के समय मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।












