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सेल की खदानों में ठेका श्रमिकों के मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती, चौथी बार पकड़े जाने पर गेट पास हमेशा के लिए ब्लॉक!

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जेओजीओएम की नई गाइडलाइन तत्काल प्रभाव से लागू, खदान परिसर में मोबाइल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध

नियम तोड़ने वाले ठेका श्रमिकों पर चरणबद्ध कार्रवाई, संबंधित ठेकेदार पर पहली बार ₹5,000 और दूसरी बार ₹10,000 का जुर्माना

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

किरीबुरू/मेघाहातुबुरु। खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा खनन कार्य के दौरान मोबाइल फोन के कारण होने वाले ध्यान भटकाव को रोकने के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के सेंट्रल माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स ऑर्गेनाइजेशन (सीएमएलओ), झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) ने कड़ा कदम उठाया है। जेओजीओएम की ओर से 19 अक्टूबर 2026 को जारी सर्कुलर के तहत खदानों एवं उनसे जुड़े परिचालन क्षेत्रों में ठेका श्रमिकों के मोबाइल फोन ले जाने और इस्तेमाल करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत अब ठेका श्रमिक खदान परिसर के भीतर किसी भी क्षेत्र में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित श्रमिक का गेट पास चरणबद्ध तरीके से निलंबित या स्थायी रूप से ब्लॉक किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार पर भी आर्थिक दंड लगाने का प्रावधान किया गया है। इस आदेश ने खदानों में काम करने वाले ठेका श्रमिकों और उनके नियोजकों की जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं।

खदान के हर परिचालन क्षेत्र में मोबाइल पर रोक

सर्कुलर के अनुसार, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध केवल खदान के मुख्य कार्यस्थल तक सीमित नहीं रहेगा। यह नियम खदान परिसर के अंतर्गत आने वाले सभी परिचालन क्षेत्रों, प्लांट, सर्विस एरिया, वर्कशॉप, स्टोरेज, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में लागू होगा।

प्रबंधन का उद्देश्य खनन एवं उससे जुड़ी गतिविधियों के दौरान श्रमिकों का ध्यान काम पर केंद्रित रखना और मोबाइल फोन के कारण उत्पन्न होने वाले संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना है। खनन कार्य में भारी मशीनों, वाहनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल होता है, जहां छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

प्रवेश से पहले जमा करना होगा मोबाइल फोन

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ठेका श्रमिक को खदान परिसर में प्रवेश करने से पहले अपना मोबाइल फोन अधिकृत ठेकेदार पर्यवेक्षक के पास अथवा निर्धारित सुरक्षित जमा केंद्र में जमा करना होगा।

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि श्रमिकों को मोबाइल फोन खदान परिसर से बाहर निकलने के बाद ही वापस दिया जा सकता है। मोबाइल फोन को स्विच ऑफ रखना या साइलेंट मोड में रखना भी नियमों के पालन के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा। अर्थात, प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल फोन साथ रखना भी उल्लंघन की श्रेणी में आएगा।

इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ठेकेदारों को मोबाइल जमा करने की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि श्रमिकों के फोन सुरक्षित रखे जा सकें और प्रवेश के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

आपात स्थिति में संपर्क के लिए बनानी होगी वैकल्पिक व्यवस्था

मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के बावजूद आपातकालीन परिस्थितियों में संचार व्यवस्था बाधित न हो, इसके लिए भी सर्कुलर में विशेष निर्देश दिए गए हैं।

प्रत्येक ठेकेदार को अपने साइट कार्यालय अथवा अधिकृत पर्यवेक्षक के माध्यम से विश्वसनीय आपातकालीन संचार व्यवस्था स्थापित करनी होगी। आपात स्थिति में जरूरी संदेश पहुंचाने के लिए संबंधित संपर्क नंबर और निर्धारित प्रक्रिया सभी आवश्यक लोगों के साथ साझा करनी होगी।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मोबाइल फोन पर प्रतिबंध के बावजूद किसी दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति या अन्य जरूरी परिस्थिति में सूचना का आदान-प्रदान समय पर हो सके।

पहली गलती पर चेतावनी, चौथी बार उल्लंघन पर स्थायी कार्रवाई

सर्कुलर में ठेका श्रमिकों द्वारा नियम तोड़ने की स्थिति में चार चरणों वाली कार्रवाई निर्धारित की गई है। उल्लंघन की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेते हुए गेट पास पर कार्रवाई की जाएगी।

श्रमिकों पर निर्धारित कार्रवाई इस प्रकार होगी:

  • पहली बार: चेतावनी दी जाएगी।
  • दूसरी बार: तीन दिनों के लिए गेट पास ब्लॉक किया जाएगा।
  • तीसरी बार: 15 दिनों के लिए गेट पास ब्लॉक किया जाएगा।
  • चौथी बार: गेट पास स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया जाएगा।

इस प्रावधान के अनुसार, बार-बार नियम तोड़ने वाले श्रमिकों के लिए खदान परिसर में प्रवेश करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ठेका श्रमिकों को प्रवेश से पहले मोबाइल जमा करने और निर्धारित सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की जरूरत होगी।

ठेकेदारों पर भी बढ़ेगी आर्थिक जवाबदेही

जेओजीओएम ने केवल श्रमिकों के खिलाफ कार्रवाई तक आदेश को सीमित नहीं रखा है, बल्कि संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय की है। यदि ठेकेदार के कार्यबल की ओर से उल्लंघन होता है अथवा ठेकेदार आदेश लागू करने में विफल रहता है, तो उस पर निर्धारित आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

ठेकेदारों के लिए जुर्माने का प्रावधान:

  • पहली बार उल्लंघन: ₹5,000।
  • दूसरी बार उल्लंघन: ₹10,000।
  • तीसरी बार उल्लंघन: ₹20,000।
  • चौथी बार उल्लंघन: ₹30,000।
  • पांचवीं बार उल्लंघन: ₹40,000।

इसके बाद प्रत्येक नए उल्लंघन पर जुर्माने की राशि में ₹10,000 की बढ़ोतरी की जाएगी। यानी पांचवीं बार के बाद छठे उल्लंघन पर ₹50,000 और सातवें उल्लंघन पर ₹60,000 का दंड निर्धारित प्रगतिशील क्रम के अनुसार लागू होगा।

यह व्यवस्था स्पष्ट करती है कि ठेकेदार केवल श्रमिक उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें अपने कर्मचारियों के बीच सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

हर उल्लंघन का रिकॉर्ड होगा तैयार, वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचेगी रिपोर्ट

आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष (HOD) और शिफ्ट इंचार्ज को अपने-अपने कार्यक्षेत्र एवं शिफ्ट में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

ठेकेदारों को प्रत्येक ठेका श्रमिक को नियमों की जानकारी देने, मोबाइल फोन जमा कराने की व्यवस्था करने और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी श्रमिक मोबाइल लेकर खदान परिसर में प्रवेश न करे।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक उल्लंघन का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें संबंधित श्रमिक का नाम, ठेकेदार का नाम, उल्लंघन का स्थान, तारीख और की गई कार्रवाई का विवरण दर्ज होगा। संबंधित विभागाध्यक्ष अथवा शिफ्ट इंचार्ज को घटना की सूचना हेड ऑफ माइंस तथा जीएम (RP&E एवं सुरक्षा) तक पहुंचानी होगी। लागू होने वाले ठेकेदार के जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में सख्त कदम

जेओजीओएम की ओर से जारी यह सर्कुलर खदानों में सुरक्षा अनुशासन को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है। मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध, सुरक्षित जमा व्यवस्था, आपातकालीन संचार के वैकल्पिक इंतजाम और उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई के माध्यम से प्रबंधन ने नियमों के अनुपालन को अनिवार्य बनाया है।

विशेष रूप से ठेका श्रमिकों और ठेकेदारों को अब अपनी कार्यप्रणाली में इस व्यवस्था के अनुरूप बदलाव करना होगा। संबंधित विभागाध्यक्षों एवं शिफ्ट इंचार्ज की जिम्मेदारी होगी कि आदेश केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि खदानों के सभी संबंधित परिचालन क्षेत्रों में प्रभावी रूप से लागू हो।

आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है। सर्कुलर पर सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति दर्ज है और इसकी प्रतिलिपि सभी सीजीएम/एचओएम तथा जीएम (RP&E एवं सुरक्षा) को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

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