हॉल रोड की सूरत सुधारेगी नई मशीन, डंपरों की आवाजाही होगी अधिक सुरक्षित और सुगम; खनन कार्यों की दक्षता बढ़ाने में मिलेगी मदद
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु (पश्चिमी सिंहभूम): सेल की मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान में खनन कार्यों को अधिक सुरक्षित, सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को खदान परिसर में नए मोटर ग्रेडर की विधिवत पूजा-अर्चना कर इसकी शुरुआत की गई। इस अवसर पर खदान के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में वरिष्ठ खनन अधिकारियों, आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
नई मशीन के आगमन को खदान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, हॉल रोड की स्थिति बेहतर बनाने और भारी वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर मशीन के सफल संचालन, बेहतर कार्यक्षमता और लंबी सेवा अवधि की कामना की गई।

पूजा-अर्चना के साथ नई मशीन का शुभारंभ
समारोह की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। अधिकारियों ने नई मोटर ग्रेडर के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए मंगलकामना की। इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
मशीन की शुरुआत केवल एक नए उपकरण के आगमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खदान में आधुनिक तकनीक के उपयोग, परिचालन क्षमता में सुधार और कार्यस्थल पर सुरक्षा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
हॉल रोड को बेहतर बनाने में निभाएगी अहम भूमिका
लौह अयस्क खदानों में हॉल रोड का विशेष महत्व होता है। इन्हीं सड़कों से होकर भारी-भरकम डंपर और अन्य खनन वाहन लौह अयस्क का परिवहन करते हैं। सड़क पर गड्ढे, ऊबड़-खाबड़ सतह और जलजमाव जैसी समस्याएं वाहनों की गति, सुरक्षा और परिचालन दक्षता को प्रभावित कर सकती हैं।

नई मोटर ग्रेडर का उपयोग इन सड़कों की सतह को समतल करने, गड्ढों एवं अन्य असमानताओं को दूर करने तथा सड़क की निर्धारित बनावट बनाए रखने में किया जाएगा। इससे भारी वाहनों के आवागमन के लिए बेहतर परिस्थितियां तैयार करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा के साथ बढ़ेगी परिवहन क्षमता
खदानों में भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़कों की उचित स्थिति बेहद जरूरी है। मोटर ग्रेडर की सहायता से सड़कों की नियमित मरम्मत और रखरखाव को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे वाहनों के संतुलन और टायरों की पकड़ में सुधार लाने तथा सड़क से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
सड़कों की स्थिति बेहतर रहने से डंपरों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप खदान से क्रशर अथवा स्टॉकयार्ड तक लौह अयस्क पहुंचाने की प्रक्रिया में लगने वाले समय और अनावश्यक देरी को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने में भी उपयोगी
खदान की सड़कों पर बारिश के दौरान पानी जमा होना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। जलजमाव से सड़क की सतह खराब होने के साथ वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। मोटर ग्रेडर सड़क की निर्धारित ढलान और सतह की बनावट बनाए रखने में उपयोगी साबित होगी।
उचित ढलान से पानी की निकासी बेहतर बनाने और सड़क के रखरखाव में मदद मिल सकती है। इससे हॉल रोड को लंबे समय तक उपयोग के योग्य बनाए रखने में भी सहायता मिलने की संभावना है।
आधुनिक मशीनरी से खनन व्यवस्था को मजबूती
मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान में नई मोटर ग्रेडर का आगमन खनन कार्यों में मशीनों की उपयोगिता बढ़ाने और परिचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, मशीन से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए उसका निर्धारित मानकों के अनुसार संचालन, नियमित तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा नियमों का पालन करना भी आवश्यक होगा।
समारोह के दौरान उपकरणों के सही इस्तेमाल, समय पर रखरखाव और कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने के महत्व पर जोर दिया गया। नई मशीन से हॉल रोड के रखरखाव में सुधार होने के साथ खदान के दैनिक परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
मोटर ग्रेडर की पूजा-अर्चना एवं शुभारंभ समारोह में सीजीएम एस. एस. साहा, महाप्रबंधक नवीन कुमार सोनकुश्रे, महाप्रबंधक मनोज कुमार, महाप्रबंधक के. बी. थापा, महाप्रबंधक अरविंद बिन्हा, महाप्रबंधक सुरेश लकड़ा, उप महाप्रबंधक कल्याण माझी, सहायक महाप्रबंधक अवधेश कुमार, रमेश सिन्हा समेत दर्जनों अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न इस कार्यक्रम ने पारंपरिक मान्यताओं और आधुनिक खनन तकनीक के समन्वय को रेखांकित किया। नई मोटर ग्रेडर से मेघाहातुबुरु खदान में सड़क रखरखाव, भारी वाहनों की आवाजाही और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








