झारखंड सरकार की सीएचसी मनोहरपुर की टीम ने किया दौरा, सेल चिड़िया अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर दी जरूरी दवाए।
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा के दुबिल गांव में मलेरिया संक्रमण के गंभीर मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। गांव में मलेरिया के संभावित प्रकोप की खबर के बाद 9 अक्टूबर को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत सीएचसी मनोहरपुर की टीम ने गांव का दौरा कर मरीजों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सेल की चिड़िया खदान अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।

125 मरीजों की जांच में 42 मिले थे मलेरिया संक्रमित
गौरतलब है कि सेल की चिड़िया खदान अस्पताल प्रबंधन की ओर से दुबिल गांव में लगाए गए मेडिकल कैंप के दौरान 125 मरीजों की जांच की गई थी। इनमें 42 मरीज मलेरिया संक्रमित पाए गए थे। एक ही गांव में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने से क्षेत्र में संक्रमण के संभावित फैलाव को लेकर चिंता बढ़ गई थी।
सरकारी स्वास्थ्य टीम ने किया गांव का दौरा
मलेरिया के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सीएचसी मनोहरपुर की टीम में शामिल एमपीडब्ल्यू जय प्रकाश महतो एवं सहिया निशा रानी आइंद ने गांव का दौरा किया। उनके साथ सेल चिड़िया अस्पताल के डॉ. राजकुमार, डॉ. नीतू कुमारी, लैब टेक्नीशियन थॉमस लागुरी, एएनएम मीरा दास, कुमलें कंडूलना, संध्या रानी दास तथा मोहन लाल चौबे भी मौजूद रहे।
संक्रमित मरीजों को दी गई जरूरी दवाएं
सेल चिड़िया अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजकुमार ने बताया कि गांव में मलेरिया से ग्रसित मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं दी गईं। इसके साथ ही पहले जांच में मलेरिया संक्रमित पाए गए मरीजों की स्थिति की भी समीक्षा की गई, ताकि उनके उपचार की प्रगति का जायजा लिया जा सके।
संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निगरानी जरूरी
दुबिल गांव में मलेरिया के बड़ी संख्या में मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम का दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जरूरत है कि मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनकी नियमित निगरानी की जाए और आसपास के गांवों में भी आवश्यकतानुसार जांच कराई जाए, ताकि संक्रमण के संभावित फैलाव का समय रहते पता लगाकर उस पर नियंत्रण किया जा सके।











