विश्व हृदय दिवस पर नोआमुंडी में जागरूकता सत्र से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर तक आयोजन
78 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच, 7 मलेरिया पॉजिटिव; 4 बच्चों में मिला संक्रमण
रिपोर्ट शैलेश सिंह
नोआमुंडी, 29 सितंबर 2026। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच), नोआमुंडी की ओर से कर्मचारियों और आसपास के ग्रामीण समुदाय को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष की थीम “Don’t Miss a Beat” के तहत 28 एवं 29 सितंबर को जागरूकता सत्रों के साथ कंटोडिया गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।

हृदय रोग के जोखिम और बचाव पर दी जानकारी
जागरूकता सत्रों में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों के कारण, लक्षण, जोखिम कारक, संभावित जटिलताओं तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। जेआरडीटीटीआई में आयोजित जागरूकता सत्र में कंपनी एवं कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों समेत करीब 200 लोगों ने भाग लिया।
कंटोडिया में 78 लोगों की स्वास्थ्य जांच
कंटोडिया गांव में आयोजित सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर में 78 लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन एवं मलेरिया की जांच के साथ जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया।
जांच में सामने आए उच्च रक्तचाप, मोतियाबिंद और एनीमिया के मामले
स्वास्थ्य जांच के दौरान उच्च रक्तचाप के 4 मामले, मोतियाबिंद का 1 मामला और एनीमिया का 1 मामला सामने आया। एनीमिया से पीड़ित मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर 8.5 ग्राम प्रतिशत पाया गया। संबंधित मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए टीएमएच नोआमुंडी में फॉलो-अप की सलाह दी गई।
11 लोगों की मलेरिया जांच, 7 मिले पॉजिटिव
शिविर के दौरान बुखार एवं सिरदर्द की शिकायत वाले 11 लोगों की मलेरिया जांच की गई। जांच में 7 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इनमें Plasmodium falciparum (Pf) और Plasmodium vivax (Pv) दोनों प्रकार के संक्रमण शामिल थे।
चार बच्चे भी मलेरिया की चपेट में
मलेरिया संक्रमित पाए गए सात मरीजों में चार बच्चे शामिल थे। इनमें से एक बच्चे को बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन एवं आगे के उपचार के लिए टीएमएच नोआमुंडी में भर्ती हेतु रेफर किया गया।

टीएमएच की चिकित्सकीय टीम ने संभाला मोर्चा
स्वास्थ्य शिविर में टीएमएच नोआमुंडी के डॉ. अमला शंकर चटर्जी, डॉ. अर्नब कुमार मुखर्जी, डॉ. बी. एन. मिश्रा और डॉ. गौरव मिश्रा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों और कर्मचारियों को समय पर स्वास्थ्य जांच, बीमारी की पहचान तथा हृदय एवं जीवनशैली संबंधी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।










