सेल के किरीबुरू–मेघाहातुबुरू लौह अयस्क परियोजना के सेंट्रल ब्लॉक का मामला, 1214 बड़े और 2086 छोटे पेड़ों की कटाई प्रस्तावित
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा के जंगलों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सेल की किरीबुरू–मेघाहातुबुरू लौह अयस्क परियोजना के सेंट्रल ब्लॉक में 8 हेक्टेयर वनभूमि पर प्रस्तावित 3300 पेड़ों की कटाई को वन विभाग ने सशर्त अनुमति प्रदान कर दी है। सारंडा वन प्रमंडल, चाईबासा के वन प्रमंडल पदाधिकारी ने 28 सितंबर 2026 को इस संबंध में मेघाहातुबुरू लौह अयस्क परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को पत्र जारी किया है।

247.50 हेक्टेयर वनभूमि में 8 हेक्टेयर का मामला
वन विभाग के पत्र के अनुसार सेल की किरीबुरू–मेघाहातुबुरू लौह अयस्क परियोजना के लिए 247.50 हेक्टेयर अपयोजित/डायवर्टेड वनभूमि में से मेघाहातुबुरू परियोजना के सेंट्रल ब्लॉक की 8 हेक्टेयर वनभूमि में कुल 3300 पेड़ों की कटाई के लिए अनुमति मांगी गई थी।
स्थलीय निरीक्षण के बाद विभाग ने निर्धारित शर्तों के साथ पेड़ कटाई की अनुमति देने की कार्रवाई की है।
1214 पेड़ 7 इंच से अधिक व्यास वाले
निरीक्षण में चिन्हित 3300 पेड़ों में 1214 पेड़ 7 इंच व्यास से अधिक के पाए गए हैं, जबकि 2086 पेड़ 7 इंच से कम व्यास वाले बताए गए हैं। वन विभाग ने कटाई से पहले पेड़ों की दोबारा जांच और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
2086 पेड़ों के बदले लगेंगे 10,430 पौधे
वन विभाग के पत्र की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक ब्लॉक प्लांटेशन है। 7 इंच से कम व्यास वाले कटने वाले 2086 पेड़ों के बदले उनके पांच गुना के हिसाब से 10,430 पौधों का रोपण कराया जाना है।
यह रोपण सारंडा वन प्रमंडल अथवा आसपास के वन प्रमंडलों द्वारा चिन्हित स्थानों पर सेल के प्रोजेक्ट कॉस्ट पर कराया जाएगा।
कटाई से पहले वन विभाग करेगा जांच
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पेड़ों की कटाई से पूर्व वन क्षेत्र पदाधिकारी, सारंडा क्षेत्र, किरीबुरू एवं परियोजना प्रबंधन तथा संबंधित वन पदाधिकारियों की मौजूदगी में चिन्हित पेड़ों की जांच कराई जाएगी।
कटाई से प्राप्त सभी लकड़ियों की विस्तृत गणना एवं माप कर उसकी रिपोर्ट वन प्रमंडलीय कार्यालय में जमा करनी होगी।
बिना ऑनलाइन परमिट नहीं होगा लकड़ी का परिवहन
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि काटे गए पेड़ों से प्राप्त लकड़ियों के परिवहन के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से निर्गत परिवहन अनुज्ञा-पत्र अनिवार्य होगा। बिना निर्धारित अनुमति के लकड़ियों के परिवहन की इजाजत नहीं होगी।
चिन्हित पेड़ों के अलावा एक भी पेड़ नहीं कटेगा
विभाग ने यह भी शर्त रखी है कि कटाई के दौरान चिन्हित पेड़ों के अलावा किसी अन्य पेड़ की कटाई नहीं की जाएगी। कटाई किए गए सभी पेड़ों के टुकड़ों को निर्धारित Marketable Size में तैयार कर संबंधित डिपो तक पहुंचाने की जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी।
रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली तो आदेश रद्द
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कटाई के लिए प्रस्तावित पेड़ों की सूची अथवा Status of Land में किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो कटाई आदेश को तत्काल रद्द माना जाएगा।
पांच गुना पौधरोपण के साथ होगी निगरानी
पत्र में कहा गया है कि 2086 छोटे पेड़ों के बदले 10,430 पौधों का ब्लॉक प्लांटेशन कराया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त स्थान वन विभाग द्वारा चिन्हित किया जाएगा और पूरा खर्च परियोजना प्रबंधन को वहन करना होगा।
साथ ही काष्ठ के निर्माण एवं अन्य संबंधित कार्य वन विभाग की देखरेख में कराने, प्राप्त लकड़ी/जलावन को निर्धारित डिपो में जमा कराने तथा पूरे कार्य का अनुपालन प्रतिवेदन वन प्रमंडलीय कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है।





