एक ही गांव में 42 मलेरिया मरीज मिलने से स्वास्थ्य व्यवस्था की चिंता बढ़ी, आसपास के गांवों में जांच बढ़ाने की जरूरत
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सेल की चिड़िया खदान अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रभावित गांव दुबिल में सोमवार को लगाए गए मेडिकल कैंप में मलेरिया की गंभीर स्थिति सामने आई है। कैंप में इलाज और जांच के लिए पहुंचे 125 मरीजों में 42 मरीज मलेरिया संक्रमित पाए गए।

125 मरीजों की जांच, 42 में मलेरिया की पुष्टि
मेडिकल कैंप में ग्रामीणों की रक्त जांच की गई। जांच रिपोर्ट में 42 मरीजों के मलेरिया संक्रमित पाए जाने से गांव में बीमारी के फैलाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं अन्य मरीजों में मौसमी बीमारी एवं वायरल बुखार के लक्षण पाए गए।
एक गांव का आंकड़ा चौंकाने वाला, दूसरे गांवों में जांच हुई तो?
एक ही गांव में 125 मरीजों में से 42 का मलेरिया संक्रमित मिलना स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर संकेत माना जा सकता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि आसपास के अन्य प्रभावित गांवों में भी व्यापक स्तर पर रक्त जांच कराई जाए, तो मलेरिया संक्रमित मरीजों की संख्या कितनी सामने आएगी?
मलेरिया विस्फोट की आशंका से इनकार नहीं
दुबिल गांव में सामने आए आंकड़े संभावित मलेरिया संक्रमण के व्यापक फैलाव का संकेत दे रहे हैं। हालांकि वास्तविक स्थिति का पता आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर जांच के बाद ही चलेगा। ऐसे में समय रहते प्रभावित गांवों में मेडिकल कैंप, रक्त जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी हो गया है।

डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने संभाला मोर्चा
मेडिकल कैंप में सेल अस्पताल के डॉ. राजकुमार, डॉ. नीतू कुमारी एवं डॉ. सक्षम कुमार ने मरीजों की जांच और उपचार किया। वहीं लैब टेक्नीशियन थॉमस लागुरी, एएनएम मीरा दास, कुमलेन कंडूलना, संध्या रानी दास, पॉलिना पूर्ति, मोहन लाल चौबे, जग्गू मुखी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
ग्रामीणों की मांग—आसपास के गांवों में भी हो व्यापक जांच
दुबिल में सामने आए मलेरिया के आंकड़े के बाद अब आसपास के गांवों में भी विशेष मेडिकल कैंप लगाकर व्यापक रक्त जांच कराने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि संक्रमण की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और समय रहते बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके।










