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लौह-अयस्क लदे हाईवा ने ग्रामीण चिकित्सक को कुचला, मौके पर मौत

On: August 8, 2026 8:46 PM
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मनीपुर गांव में दर्दनाक हादसा, आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-320G किया जाम

चालक की गिरफ्तारी, मुआवजा और भारी वाहनों पर नियंत्रण की मांग; अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुटे

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

मनोहरपुर। मनोहरपुर थाना क्षेत्र के मनीपुर गांव में शनिवार की देर शाम करीब 6 बजे लौह-अयस्क लदे तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से ग्रामीण चिकित्सक प्रह्लाद महतो (45) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनका सिर बुरी तरह कुचल गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मनोहरपुर-राउरकेला मार्ग एनएच-320जी को जाम कर दिया।

बाइक को साइड से मारी जोरदार टक्कर

जानकारी के अनुसार ढीपा गांव निवासी प्रह्लाद महतो मनोहरपुर के बचमगुटू क्षेत्र में ग्रामीण चिकित्सक के रूप में लोगों को चिकित्सा सेवा देते थे। शनिवार की शाम वह एक बाइक चालक से लिफ्ट लेकर मनोहरपुर की ओर आ रहे थे।
इसी दौरान सेल की चिड़िया खदान से लौह-अयस्क लेकर मनोहरपुर रेलवे साइडिंग जा रहे तेज रफ्तार हाईवा ने मनीपुर गांव के पास बाइक को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही प्रह्लाद महतो सड़क पर गिर पड़े और हाईवा का पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने शव उठाया, ग्रामीणों ने सड़क पर लगाया जाम

घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर वाहन में रखवाया। इसी दौरान ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया।
सड़क जाम की सूचना पर मनोहरपुर बीडीओ शक्ति कुंज, एसडीपीओ एवं थाना प्रभारी सहित प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी ग्रामीणों एवं मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग

ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने आरोपी हाईवा चालक की तत्काल गिरफ्तारी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित एवं निश्चित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा।

तेज रफ्तार हाईवा से लगातार बना रहता है हादसे का खतरा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चिड़िया खदान से लौह-अयस्क की ढुलाई में लगे कई हाईवा चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हैं। अधिक से अधिक ट्रिप लगाने और अतिरिक्त कमाई के चक्कर में भारी वाहनों को तेज गति से चलाने के कारण इस मार्ग पर हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान से लौह-अयस्क की ढुलाई जिस सड़क से हो रही है, वह मूल रूप से ग्रामीण सड़क है। सड़क की चौड़ाई और मजबूती भारी वाहनों के लगातार आवागमन के अनुरूप नहीं है।

सड़क चौड़ीकरण और मजबूती का समझौता भी पड़ा ठंडे बस्ते में

ग्रामीणों के मुताबिक लौह-अयस्क की ढुलाई शुरू होने के बाद सड़क को भारी वाहनों के परिवहन के अनुकूल मजबूत एवं चौड़ा करने को लेकर पथ निर्माण विभाग और सेल की चिड़िया खदान प्रबंधन के बीच पूर्व में समझौता हुआ था। इसके तहत प्रबंधन की ओर से विभाग को करोड़ों रुपये दिए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि यह मामला लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है और सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

वन विभाग की सड़क बंद होने के बाद बढ़ा ग्रामीण मार्ग पर दबाव

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में लौह-अयस्क का परिवहन वन विभाग की सड़क से किया जाता था, लेकिन बाद में वन विभाग द्वारा उक्त मार्ग को बंद कर दिया गया। इसके बाद भारी वाहनों का दबाव ग्रामीण सड़क पर बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क भारी वाहनों के लिए पर्याप्त चौड़ी और मजबूत नहीं है तो इस मार्ग से लगातार लौह-अयस्क की ढुलाई की अनुमति क्यों दी जा रही है। दुर्घटना के बाद एक बार फिर भारी वाहनों की रफ्तार, परिवहन व्यवस्था और सड़क की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से भी मामले में हस्तक्षेप कर सड़क को भारी वाहनों के अनुकूल बनाने, तेज रफ्तार पर रोक लगाने और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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