एक सप्ताह से जारी रुक-रुक कर भारी वर्षा ने बढ़ाई शहरी इलाकों की मुश्किलें, वहीं धान की रोपाई ने पकड़ी रफ्तार
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
एक सप्ताह से नहीं निकली धूप, कोहरे और बारिश का डबल असर
किरीबुरू, मेघाहातुबुरु समेत सारंडा के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर लगातार हो रही भारी वर्षा और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से लेकर देर शाम तक आसमान बादलों से ढका रहता है, जबकि घने कोहरे के कारण दृश्यता भी प्रभावित हो रही है। कई दिनों से लोगों को धूप देखने तक का अवसर नहीं मिला है। लगातार नमी और ठंडक के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है।

समय पर बारिश बनी किसानों के लिए वरदान
लगातार हो रही वर्षा किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पर्याप्त पानी मिलने से सारंडा क्षेत्र के खेतों में गोड़ा धान एवं रोपा धान की रोपाई युद्ध स्तर पर चल रही है। किसान पूरे उत्साह के साथ अपने-अपने खेतों में रोपाई कार्य में जुटे हुए हैं। समय पर हुई बारिश से इस वर्ष अच्छी फसल उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ गई है, जिससे किसानों में खुशी का माहौल है।
शहरी क्षेत्रों में बढ़ी लोगों की परेशानियां
दूसरी ओर किरीबुरू और मेघाहातुबुरु के शहरी क्षेत्रों में लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धूप नहीं निकलने के कारण कपड़े कई दिनों तक सूख नहीं पा रहे हैं। लोग मजबूरी में पंखा, हीटर अथवा अन्य विद्युत उपकरणों की सहायता से कपड़े सुखाने को विवश हैं। लगातार नमी के कारण घरों में भी सीलन बढ़ने लगी है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
ठंडा हुआ मौसम, तापमान में गिरावट
लगातार वर्षा के कारण किरीबुरू का मौसम पूरी तरह बदल गया है। यहां न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दिनभर ठंडी हवाएं और हल्की फुहारें लोगों को गर्मी से राहत तो दे रही हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण दैनिक कार्यों में बाधा भी उत्पन्न हो रही है।

अभी राहत के आसार नहीं
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश और कोहरे का दौर जारी रहा तो जनजीवन पर इसका असर और अधिक बढ़ सकता है। वहीं किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मानसून की यह मेहरबानी उनकी मेहनत को बेहतर पैदावार में बदल देगी।









