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शराब दुकानों में खुली लूट: MRP से ज्यादा वसूली, मिलावटी शराब का खेल—सिस्टम पूरी तरह बेनकाब!

On: April 26, 2026 4:07 PM
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दबंग सेल्समैन की गुंडागर्दी, ग्राहक बेबस

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

अंग्रेजी शराब दुकानों में इन दिनों खुली लूट मची हुई है। नियम-कानून को ठेंगा दिखाते हुए सेल्समैन खुलेआम बीयर और शराब की हर बोतल पर MRP से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। हालत यह है कि ग्राहक चाहकर भी विरोध नहीं कर पा रहे—क्योंकि सामने है दबंगई और पीछे प्रशासन की संदिग्ध चुप्पी।
ग्राहकों का आरोप है कि हर बीयर बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। यही खेल शराब की बोतलों में भी जारी है। कुछ “पहचाने हुए” और दबंग ग्राहकों को छोड़ दिया जाए तो आम आदमी से जमकर लूट की जा रही है।

हर दिन हजारों की काली कमाई, किसके संरक्षण में?

सूत्रों के मुताबिक एक ही दुकान से रोजाना 4 से 5 हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। यह कोई छोटी मोटी चोरी नहीं, बल्कि सुनियोजित आर्थिक अपराध है।
सबसे बड़ा सबूत यह है कि कई ग्राहकों के पास ऑनलाइन पेमेंट के जरिए MRP से ज्यादा पैसे वसूले जाने का डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद है। यानी लूट न सिर्फ हो रही है, बल्कि उसका पूरा प्रमाण भी मौजूद है—फिर भी कार्रवाई नहीं!

उत्पाद विभाग और प्रशासन कटघरे में

इस पूरे मामले में उत्पाद विभाग और प्रशासन की भूमिका बेहद संदिग्ध नजर आ रही है। आखिर क्यों इतनी खुली लूट के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही? क्या यह सब अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी गई हैं?
अब सवाल सीधे सरकार और संबंधित विभाग के मंत्रियों तक पहुंच चुका है। जनता पूछ रही है—क्या कानून सिर्फ कागजों में ही जिंदा है?

सीमांत क्षेत्रों में मिलावटी शराब का खतरनाक नेटवर्क

मामला यहीं नहीं थमता। झारखंड-ओड़िशा सीमांत क्षेत्र में स्थित शराब दुकानों को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आ रहा है—यहां मिलावटी या नकली शराब बेचे जाने की चर्चा तेज है।
इस आशंका ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग अब स्थानीय दुकानों से शराब खरीदने से बच रहे हैं और दूसरे राज्यों का रुख करने को मजबूर हैं।

“यह सिर्फ लूट नहीं, जान से खिलवाड़ है”

विशेषज्ञों का कहना है कि नकली शराब का सेवन सीधे मौत को दावत देना है। देश में पहले भी मिलावटी शराब से कई लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में यह मामला सिर्फ आर्थिक शोषण नहीं, बल्कि जनजीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
प्रशासन की चुप्पी: क्या किसी मौत का इंतजार?
सबसे बड़ा सवाल—जब सबूत हैं, शिकायतें हैं, डर है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? क्या सिस्टम तभी जागेगा जब किसी की जान जाएगी?

जनता का गुस्सा फूटने को तैयार

स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। यह अब सिर्फ पैसे का मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का सवाल बन चुका है।

सिस्टम की मिलीभगत या घोर लापरवाही?

शराब दुकानों में चल रहा यह खेल कानून और व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहा है। अब देखना यह है कि सरकार, उत्पाद विभाग और प्रशासन कब तक इस “लूट तंत्र” को संरक्षण देते रहेंगे—और कब इस पर सख्त कार्रवाई होगी।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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