कोल्हान समेत 14 प्रमंडलों को मिला फंड, ग्रामीण सड़कों के कायाकल्प की तैयारी
रिपोर्ट शैलेश सिंह
झारखंड government के ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत राज्य के विभिन्न प्रमंडलों को बड़ी राशि आवंटित की है। विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार कुल 475 करोड़ रुपये की राशि ग्रामीण सड़कों के निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए जारी की गई है। इस निर्णय से ग्रामीण इलाकों की जर्जर सड़कों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद जगी है।

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह राशि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत पथों के सुदृढ़ीकरण और निर्माण कार्यों पर खर्च की जाएगी। विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि राशि का उपयोग केवल स्वीकृत योजनाओं में ही किया जाएगा। किसी अन्य मद में राशि खर्च करने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
कोल्हान क्षेत्र को मिला बड़ा हिस्सा
जारी सूची के अनुसार कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और चक्रधरपुर प्रमंडलों को भी करोड़ों रुपये का आवंटन मिला है। इसमें जमशेदपुर प्रमंडल को 58 करोड़ रुपये, सरायकेला-खरसावां को 43.50 करोड़ रुपये, चाईबासा को 33.50 करोड़ रुपये तथा चक्रधरपुर को 18.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। माना जा रहा है कि इन इलाकों में वर्षों से खराब पड़ी ग्रामीण सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में अब तेजी आएगी।
सोनाराम सिंकू ने बताया ग्रामीण विकास के लिए बड़ा कदम
जगन्नाथपुर के विधायक सह उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकू ने इस आवंटन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक संकट के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि का आवंटन होना सरकार की सकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आर्थिक सम्पन्नता आएगी और वर्षों से अधूरी पड़ी विकास योजनाओं को पूरा कराने में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है। ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क बनने से किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों और मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सबसे ज्यादा राशि दुमका और जमशेदपुर को
सरकार द्वारा जारी आवंटन सूची में दुमका प्रमंडल को 59.50 करोड़ रुपये तथा जमशेदपुर प्रमंडल को 58 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। वहीं गुमला को 55.50 करोड़ और खूंटी को 55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार ने आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में सड़क नेटवर्क मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है।
किन प्रमंडलों को कितना मिला
* जामताड़ा – 42.50 करोड़
* दुमका – 59.50 करोड़
* साहिबगंज – 15.50 करोड़
* पाकुड़ – 15 करोड़
* रांची – 33.50 करोड़
* खूंटी – 55 करोड़
* लोहरदगा – 16.50 करोड़
* सिमडेगा – 25.50 करोड़
* गुमला – 55.50 करोड़
* चाईबासा – 33.50 करोड़
* जमशेदपुर – 58 करोड़
* सरायकेला-खरसावां – 43.50 करोड़
* चक्रधरपुर – 18.50 करोड़
* लातेहार – 3 करोड़ रुपये

हर महीने देना होगा खर्च का हिसाब
ग्रामीण कार्य विभाग ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि खर्च की गई राशि का मासिक एवं योजनावार भौतिक और वित्तीय विवरण प्रत्येक माह की 5 तारीख तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही पूर्व में आवंटित राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही अगली राशि जारी की जाएगी।
गड़बड़ी हुई तो तय होगी जिम्मेदारी
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्वीकृत निविदा और प्राक्कलन के अनुरूप ही कार्य कराए जाएंगे। अगर राशि का दुरुपयोग या अन्य मद में खर्च किया गया तो इसे वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार
सरकार के इस बड़े फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होने, आवागमन आसान बनने और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क निर्माण होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच मजबूत होगी।














