गिनडुंग–मारंगपोंगा मार्ग पूरी तरह जाम, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सारंडा जंगल क्षेत्र में एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं की बदहाली सामने आई है। मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गिनडुंग–मारंगपोंगा मुख्य ग्रामीण सड़क पर एक विशाल बरगद का पेड़ गिर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। यह मार्ग अब पूरी तरह से बंद पड़ा है, जिससे इलाके का जनजीवन प्रभावित हो गया है।

सड़क बनी जंगल का जाल, फंसे गांव के लोग
ग्रामीणों के अनुसार, बरगद का विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया, जिससे दोपहिया, चारपहिया ही नहीं बल्कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। यह सड़क आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है, और इसके बाधित होने से गांव पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गए हैं।
न इलाज, न बाजार – हर जरूरत पर लगा ब्रेक
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के बंद होने से वे न तो शहर जा पा रहे हैं और न ही शहर से जरूरी सामान गांव तक पहुंच पा रहा है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है, वहीं दैनिक जरूरतों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
“अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो हम क्या करें? रास्ता ही बंद है,” – एक ग्रामीण ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए कहा।
वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
घटना के बाद से अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद विभागीय लापरवाही जारी है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पेड़ हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग – तुरंत हटे पेड़, बहाल हो रास्ता
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरे हुए बरगद के पेड़ को हटाकर सड़क को साफ कराया जाए, ताकि आवागमन फिर से शुरू हो सके।
हर बार की कहानी – संकट के समय सिस्टम नदारद
सारंडा जैसे दुर्गम इलाके में यह पहली घटना नहीं है जब प्राकृतिक कारणों से रास्ते बाधित हुए हों और प्रशासन की प्रतिक्रिया देर से आई हो। सवाल यही है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ेगा?
अब देखना यह है कि वन विभाग और प्रशासन कब जागता है और ग्रामीणों को इस मुसीबत से राहत मिलती है।













