भनगांव बाजार के सामने जंगल में मिला मृत हाथी, मौत के कारणों की जांच में जुटी वन विभाग की टीम
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
जगन्नाथपुर। जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत भनगांव बाजार के सामने स्थित ढीपासाइ जंगल में 2 अक्टूबर को एक जंगली हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। जंगल में हाथी के मृत पड़े होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

जंगल में मृत मिला हाथी
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग शुक्रवार को जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक जंगली हाथी पर पड़ी, जो मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। हाथी को मृत देखकर ग्रामीणों ने तत्काल इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जंगल में मृत हाथी को देखने के लिए भीड़ जुट गई।
मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद होगी स्पष्ट
वन विभाग की टीम फिलहाल हाथी की मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है। प्रथम दृष्टया मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी की मौत बीमारी, प्राकृतिक कारण, करंट, किसी जहरीले पदार्थ अथवा अन्य किसी वजह से हुई है।
जंगल में बिजली का तार नहीं, फिर भी मौत बनी पहेली
गांव के मुंडा राम जीवन बेहरा ने बताया कि ग्रामीणों ने जब जंगल में हाथी को मृत देखा तो इसकी सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि जिस स्थान के आसपास हाथी मृत मिला है, वहां किसी तरह का बिजली का तार आदि नहीं है। ऐसे में बिजली करंट से हाथी की मौत की संभावना को लेकर भी ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगी।
हाथियों की लगातार आवाजाही वाला क्षेत्र
ढीपासाइ और इसके आसपास का जंगल हाथियों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का आना-जाना लगातार बना रहता है। हाथियों के झुंड कई बार जंगल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी पहुंचते हैं। ऐसे में एक हाथी की अचानक मौत ने ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग की चिंता भी बढ़ा दी है।
जिले में हाथियों की मौत का सिलसिला चिंता का विषय
पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ महीनों के दौरान हाथियों की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें आईईडी विस्फोट, बिजली करंट समेत अन्य कारणों से हाथियों की मौत की घटनाएं शामिल रही हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं वन्यजीव संरक्षण और हाथियों के सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
ढीपासाइ जंगल में मिले मृत हाथी के मामले में फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। वन विभाग की जांच, मौके से जुटाए जाने वाले साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो सकेगा। वन विभाग की टीम मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है।











