गुवा संवाददाता।
गुवा सेल खदान क्षेत्र में सोमवार को 500 बेरोजगार युवाओं की बहाली की मांग को लेकर 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले उग्र आंदोलन देखने को मिला। सुबह करीब 4:00 बजे से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन चक्का जाम पूरे क्षेत्र में व्यापक असर डालता रहा। आंदोलनकारियों ने खदान क्षेत्र के मुख्य मार्गों को पूरी तरह बाधित कर दिया, जिससे आवागमन और खनन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।

सुबह से ही ठप रहा खदान क्षेत्र, बढ़ा दबाव
आंदोलन की शुरुआत के साथ ही साइज स्क्रीन क्षेत्र, जीरो प्वाइंट और लोडिंग प्वाइंट जैसे महत्वपूर्ण मार्गों को जाम कर दिया गया। इससे सेल की उत्पादन और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। चक्का जाम के कारण पूरे खदान क्षेत्र में गतिविधियां ठप रहीं और प्रबंधन पर दबाव लगातार बढ़ता गया।
वार्ता के कई दौर, लेकिन शुरुआत में नहीं निकला हल
आंदोलन को समाप्त कराने के लिए सेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की वार्ता की गई। हालांकि शुरुआती बैठकों में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिससे स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग रहे और बिना लिखित आश्वासन के हटने को तैयार नहीं थे।

मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फिर बैठी निर्णायक बैठक
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने हस्तक्षेप बढ़ाया। मजिस्ट्रेट के रूप में पहुंचे ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर विनोद कुमार की अध्यक्षता में आंदोलन स्थल पर पुनः वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन और सेल प्रबंधन ने आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया और समाधान निकालने की दिशा में पहल तेज हुई।
5 मई को होगी निर्णायक बैठक, मिला लिखित आश्वासन
लगातार चली बातचीत के बाद अंततः सहमति बनी कि आगामी 5 मई को सेल के सीएसआर क्षेत्र के 18 गांवों के मुंडा-मानकी संघ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में बेरोजगारी, बहाली और अन्य स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
प्रबंधन की ओर से इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

साढ़े 12 घंटे बाद समाप्त हुआ आंदोलन
लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलनकारियों ने अपना अनिश्चितकालीन चक्का जाम समाप्त कर दिया। यह आंदोलन करीब साढ़े 12 घंटे तक चला और शाम 4:30 बजे समाप्त हुआ। इसके बाद खदान क्षेत्र में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होने लगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम बैठक में ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर विनोद कुमार, किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार सहित सेल प्रबंधन के एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, सीएसआर डीजीएम अनिल कुमार और महाप्रबंधक ईएनएल डॉ. टीसी आनंद मौजूद रहे।
संकेत साफ है—ग्रामीण अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। 5 मई की बैठक इस पूरे आंदोलन का निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।













