भ्रष्टाचार नक्सल खदान
अपराध राजनीति खेल समस्या स्वास्थ्य कार्यक्रम शिक्षा दुर्घटना सांस्कृतिक मनोरंजन मौसम कृषि ज्योतिष काम

65 घंटे बाद भी नहीं पिघला प्रबंधन, आंदोलन उग्र होने के संकेत

On: April 17, 2026 4:07 PM
Follow Us:
---Advertisement---

18 अप्रैल की सुबह खत्म होगी भूख हड़ताल, 20 अप्रैल से चक्का जाम की चेतावनी

रोजगार की मांग पर 12 गांवों के ग्रामीण डटे, 65 घंटे से जारी भूख हड़ताल

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

गुवा क्षेत्र में रोजगार को लेकर शुरू हुआ ग्रामीणों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 12 गांवों के दर्जनों बेरोजगार ग्रामीण, मानकी सुरेश चांपिया और विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में 15 अप्रैल की सुबह 8 बजे से 72 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
यह भूख हड़ताल 18 अप्रैल की सुबह 8 बजे समाप्त होगी, लेकिन 65 घंटे बीत जाने के बावजूद भी सेल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे आंदोलनकारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

वार्ता विफल, प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच टकराव गहराया

आंदोलनकारियों के अनुसार, 15 अप्रैल की शाम गुवा के जेनरल ऑफिस में प्रबंधन के दो अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी। इस वार्ता में 12 प्रतिनिधि शामिल हुए थे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।
प्रबंधन ने प्रस्ताव रखा कि आंदोलन में शामिल प्रत्येक गांव से एक-एक तथा सबसे अधिक प्रभावित काशिया पेचा गांव से 2-3 लोगों को ‘मां सरला’ ठेका कंपनी के माध्यम से रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी।
लेकिन ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।

“ठेका नहीं, स्थायी रोजगार चाहिए” –आंदोलनकारियों की दो टूक

ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें ठेका कंपनी के तहत अस्थायी काम नहीं चाहिए।
उनकी मांग है कि उन्हें सप्लाई/नोटशीट के तहत नियमित रोजगार दिया जाए, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि खदान में हैंड माइनिंग या मैनुअल रैक लोडिंग के जरिए सैकड़ों स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। लेकिन इस मांग को भी प्रबंधन ने अस्वीकार कर दिया।

“खदान बंद करने नहीं, रोजगार के लिए आंदोलन”

आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य खदान को बंद कराना नहीं है, बल्कि अपने हक का रोजगार पाना है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“अगर हमें रोजगार नहीं मिला, तो हम खदान बंद करने पर मजबूर होंगे।”

20 अप्रैल से चक्का जाम की चेतावनी, बढ़ सकता है संघर्ष

भूख हड़ताल के बावजूद मांगें नहीं माने जाने पर ग्रामीणों ने अब आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 18 अप्रैल तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 20 अप्रैल से क्षेत्र में चक्का जाम किया जाएगा।
इससे गुवा क्षेत्र में खनन कार्य और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment