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“जेवर चमकाने” के नाम पर ठगी का जाल: घर में घुसते ही भरोसा जीतते हैं, और फिर गायब हो जाते हैं गहने

On: April 17, 2026 2:52 PM
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बड़ाजामदा से नोवामुंडी तक सक्रिय गिरोह—अब हर घर को सतर्क रहने की जरूरत

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

पश्चिम सिंहभूम के बड़ाजामदा बाजार और नोवामुंडी में एक ही सप्ताह के भीतर हुई दो सनसनीखेज ठगी की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। ये कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि सुनियोजित ठगी है—जहां अपराधी पहले भरोसा जीतते हैं और फिर उसी भरोसे को हथियार बनाकर लाखों के गहने लेकर फरार हो जाते हैं।
अब यह साफ हो चुका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जो खासतौर पर घरों में मौजूद महिलाओं को निशाना बना रहा है।

पहले भरोसा, फिर वार—ठगी का खतरनाक तरीका

बड़ाजामदा बाजार स्थित बड़ौदा बैंक के मिनी बैंक संचालक रंजीत कुमार वर्मा उर्फ चिंटू के घर हुई घटना इस गिरोह के तरीके को पूरी तरह उजागर करती है।
दो युवक मोटरसाइकिल से घर पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया और खुद को “उजाला रॉयल कंपनी” का कर्मचारी बताया। बातों में मिठास, चेहरे पर आत्मविश्वास और काम में दिखावटी ईमानदारी—यही उनका हथियार था।
उन्होंने पहले एक तांबे की प्लेट साफ कर वापस की।
फिर चांदी के पायल चमकाकर लौटाए।
बस, यहीं से खेल शुरू हुआ।
घर की महिलाओं का विश्वास पूरी तरह जीत लिया गया।

एक पल की चूक और गहने गायब

विश्वास जीतने के बाद ठगों ने सोने की चेन मांगी।
उन्होंने चेन को एक पाउडर में डालकर महिलाओं से पानी लाने को कहा।
जैसे ही महिलाएं अंदर गईं—
दोनों ठग मौके का फायदा उठाकर चेन लेकर फरार हो गए।
यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

नोवामुंडी में भी वही कहानी—बस शिकार बदला

ठीक इसी तरह नोवामुंडी के टॉप कैंप निवासी उत्तम गोराई के घर भी यही गिरोह पहुंचा।
उनकी पत्नी विदिशा गोराई को भी पहले भरोसे में लिया गया और फिर करीब 4 लाख रुपये मूल्य के 25 ग्राम सोने के गहने लेकर ठग फरार हो गए।
दोनों घटनाओं में तरीका एक जैसा है—
👉 पहले छोटी चीज चमकाकर भरोसा जीतना
👉 फिर कीमती गहनों पर नजर
👉 और मौके मिलते ही फरार

यह सिर्फ ठगी नहीं—सोच-समझकर रचा गया जाल

यह गिरोह किसी भी घर में अचानक नहीं पहुंचता।
यह पहले इलाके की रेकी करता है, घर में कौन है, कौन नहीं—यह सब जानने के बाद ही वार करता है।
👉 जहां पुरुष सदस्य घर में नहीं होते
👉 जहां महिलाएं अकेली होती हैं
👉 जहां आसानी से भरोसा बनाया जा सकता है
उन्हीं घरों को निशाना बनाया जाता है।

महिलाओं को बनाते हैं टारगेट—क्यों?

इस गिरोह की नजर खासतौर पर महिलाओं पर होती है क्योंकि—
* वे घरेलू माहौल में अनजान लोगों से जल्दी घुल-मिल जाती हैं
* गहनों की जानकारी और पहुंच उनके पास होती है
* ठग मीठी बातों से उन्हें जल्दी विश्वास में ले लेते हैं
यही कारण है कि इस तरह की घटनाओं में अधिकतर महिलाएं ही शिकार बनती हैं।

अब जरूरी है सतर्कता—ऐसे बचें इस ठगी से

यह खबर सिर्फ घटना बताने के लिए नहीं, बल्कि आपको जागरूक करने के लिए है।
अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो कोई भी इसका शिकार हो सकता है।

1. अनजान व्यक्ति को घर में प्रवेश न दें

कोई भी व्यक्ति चाहे कितना ही भरोसेमंद क्यों न लगे,
बिना पहचान सत्यापन के घर के अंदर न आने दें।

2. “फ्री सर्विस” या “ऑफर” से सावधान रहें

अगर कोई अचानक आकर कहे कि वह गहने या बर्तन चमकाएगा—
तो समझ जाइए, मामला संदिग्ध है।

3. गहने कभी भी अनजान व्यक्ति को न दें

सोने-चांदी के गहने किसी भी स्थिति में
किसी बाहरी व्यक्ति को न सौंपें।

4. तुरंत पुलिस को सूचना दें

अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति घर के आसपास दिखे—
तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।

5. पड़ोसियों को भी सतर्क करें

ऐसी घटनाएं अकेले नहीं होतीं।
पूरे इलाके को निशाना बनाया जाता है।
इसलिए पड़ोसियों को भी जानकारी दें।

6. CCTV और मोबाइल से फोटो लें

अगर शक हो, तो उस व्यक्ति की फोटो या वीडियो लेने की कोशिश करें।
यह पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है।

पुलिस की भूमिका—अब तेजी से कार्रवाई की जरूरत

इन घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस के लिए यह जरूरी हो गया है कि—
👉 इलाके में संदिग्ध लोगों की जांच बढ़ाई जाए
👉 बाइक सवार अजनबियों पर नजर रखी जाए
👉 गांव और बाजार क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए
अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो यह गिरोह और सक्रिय हो सकता है।

जनता की भी जिम्मेदारी—सिर्फ पुलिस पर निर्भर न रहें

हर घटना के बाद पुलिस को दोष देना आसान है,
लेकिन अपनी सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
👉 एक छोटी सी सावधानी
👉 एक “ना” बोलने का साहस
आपको लाखों के नुकसान से बचा सकता है।

अंतिम संदेश—सावधानी ही सुरक्षा है

बड़ाजामदा और नोवामुंडी की ये घटनाएं चेतावनी हैं।
यह गिरोह कहीं भी, किसी भी घर में पहुंच सकता है।
उनका हथियार बंदूक नहीं, बल्कि आपका भरोसा है।
इसलिए याद रखें—
👉 हर मीठी बात सच नहीं होती
👉 हर “कंपनी कर्मचारी” असली नहीं होता
👉 और हर भरोसा सुरक्षित नहीं होता
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—क्योंकि अगला निशाना कोई भी हो सकता है।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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