श्रम मंत्रालय की योजना से मजदूर परिवारों के बच्चों को शिक्षा में आर्थिक सहारा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू और मेघाहातुबुरु में 400 से अधिक छात्रों को मिला लाभ
सेल, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खान प्रबंधन के अधीन संचालित शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम मंत्रालय (वेलफेयर विभाग) द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में सैकड़ों छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल, किरीबुरू और केंद्रीय विद्यालय, मेघाहातुबुरु के कुल 410 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 238 छात्रों को छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है।

प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल किरीबुरू: 62 छात्रों को मिली छात्रवृत्ति
प्रोजेक्ट सेंट्रल स्कूल, किरीबुरू के कुल 102 विद्यार्थियों ने इस योजना के तहत आवेदन किया था।इनमें से 62 छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है। चयनित छात्रों को उनकी श्रेणी के अनुसार 1000 से 3000 रुपये प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जाएगी।यह सहायता उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर परिवारों से आते हैं।

केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु: 176 छात्रों को मिला लाभ
वहीं, केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु के 308 छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इनमें से 176 छात्रों को इस योजना का लाभ मिला है। चयनित छात्रों को भी 1000 से 3000 रुपये वार्षिक सहायता के रूप में प्रदान किए जाएंगे। इससे विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्रों को शिक्षा जारी रखने में आर्थिक मजबूती मिलेगी।
सेल, गुवा अंतर्गत डी ए वी और इस्को के 110 छात्रों को भी मिला लाभ
किन छात्रों को मिलता है लाभ
यह छात्रवृत्ति योजना विशेष रूप से बीड़ी श्रमिक, सिनेमा कर्मी, लौह अयस्क, मैंगनीज और चूना पत्थर खदानों में कार्यरत मजदूरों के बच्चों के लिए चलाई जाती है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई में आर्थिक बाधाओं को कम करना है।

शिक्षा के क्षेत्र में अहम पहल
यह योजना न केवल छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित भी करती है। खनन क्षेत्रों में रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों में जीवन यापन करते हैं, ऐसे में यह छात्रवृत्ति उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है।
वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेटर ने दी जानकारी
इस संबंध में जानकारी देते हुए बड़ाजामदा के वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेटर

उदय शंकर कुमार ने बताया कि श्रम मंत्रालय की इस योजना के तहत पात्र छात्रों को चयनित कर उन्हें सीधे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक छात्रों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य छात्र लाभ से वंचित न रहे।
स्थानीय छात्रों के भविष्य को मिलेगा नया आधार
इस पहल से किरीबुरू और मेघाहातुबुरु क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। छात्रवृत्ति के माध्यम से उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा, जिससे वे आगे की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।














