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गुवा के नुईया गांव में फिर घुसा हाथियों का झुंड, सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी

On: April 19, 2026 9:10 AM
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चार हाथियों की मौजूदगी से दहशत में ग्रामीण — वन विभाग अलर्ट, कॉरिडोर क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता

गुवा संवाददाता:
गुवा थाना क्षेत्र के नुईया गांव में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चार जंगली हाथियों का झुंड गांव के नजदीक पहुंच गया। सुबह करीब 6 बजे सीडीएन रुगंटा की बंद पड़ी खदान और आधुनिक खदान क्षेत्र के आसपास हाथियों को विचरण करते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
नींद से उठते ही जब लोगों ने गांव के पास हाथियों को देखा, तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सुबह की शांति टूटी, गांव में डर का साया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का झुंड अचानक खदान क्षेत्र के पास दिखाई दिया।
* कुछ लोग काम के लिए निकल रहे थे
* बच्चे स्कूल जाने की तैयारी में थे
* तभी हाथियों की मौजूदगी की खबर आग की तरह फैल गई
लोग घरों में दुबक गए और आसपास के इलाकों में आवाजाही पर अचानक रोक लग गई।

पहले भी कई बार हो चुका है सामना

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई घटना नहीं है।
नुईया और आसपास के इलाके में पहले भी कई बार हाथियों का झुंड पहुंच चुका है।
स्थानीय लोगों के अनुसार:
* यह इलाका हाथियों का पारंपरिक कॉरिडोर है
* जंगल और खदान क्षेत्र के बीच रास्ता होने के कारण हाथी अक्सर यहां आते हैं
* हर बार उनकी मौजूदगी से जान-माल का खतरा बढ़ जाता है

वन विभाग हरकत में, निगरानी शुरू

घटना की सूचना मिलते ही गुवा वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई।
अधिकारी और कर्मी मौके पर पहुंचकर:
* हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं
* उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं
वन विभाग ने साफ किया है कि किसी भी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही भारी पड़ सकती है।

ग्रामीणों के लिए चेतावनी और अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए हैं:
* हाथियों के पास जाने की कोशिश न करें
* भीड़ न लगाएं और शोर न मचाएं
* अकेले जंगल या खदान क्षेत्र की ओर न जाएं
* बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखें
अधिकारियों ने कहा कि सतर्कता ही इस स्थिति में सबसे बड़ा बचाव है।

स्थायी समाधान की मांग तेज

लगातार हो रही घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
उनका कहना है कि:
* हाथियों की आवाजाही अब नियमित हो गई है
* कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है
* सिर्फ तात्कालिक उपायों से समस्या का समाधान नहीं होगा
ग्रामीण चाहते हैं कि हाथी कॉरिडोर को चिन्हित कर स्थायी प्रबंधन किया जाए, ताकि इंसान और वन्यजीव के बीच टकराव को रोका जा सके।

जंगल और इंसान के बीच बढ़ता संघर्ष

नुईया गांव की यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि जंगल और मानव बस्तियों के बीच की दूरी लगातार कम हो रही है।
खनन क्षेत्र, जंगलों में हस्तक्षेप और रास्तों में बदलाव के कारण हाथियों का प्राकृतिक मार्ग प्रभावित हो रहा है।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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