परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा प्रशासन
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिमी सिंहभूम जिले में परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार, मोटरयान निरीक्षक तथा विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभागीय योजनाओं, राजस्व वसूली, सड़क सुरक्षा, वाहन संचालन और लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवहन व्यवस्था केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा से भी सीधे जुड़ी हुई है।

मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना को गति देने का निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की प्रगति की विशेष समीक्षा की गई। उपायुक्त ने चयनित ग्रामीण रूटों पर अधिक से अधिक वाहनों का परिचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन रूटों को स्वीकृति मिल चुकी है, वहां शीघ्र वाहन संचालन शुरू किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के लाभार्थियों से नियमित संपर्क स्थापित कर योजना के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए।
राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए बनेगी कार्ययोजना
उपायुक्त ने विभाग को मिले राजस्व वसूली लक्ष्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बकाया कर वसूली और प्रवर्तन से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए ताकि विभागीय राजस्व में वृद्धि हो सके।
उन्होंने लंबित कर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।
थानों और अस्पतालों में पड़े वाहनों की होगी नीलामी
बैठक में जिले के विभिन्न थाना परिसरों और अस्पतालों में लंबे समय से पड़े नीलामी योग्य वाहनों का भी मुद्दा उठा। उपायुक्त ने मोटरयान निरीक्षक को निर्देश दिया कि ऐसे सभी वाहनों की सूची तैयार कर शीघ्र नीलामी प्रक्रिया पूरी की जाए।
प्रशासन का मानना है कि इससे एक ओर परिसर में अनावश्यक रूप से जगह घेरे खड़े वाहनों से मुक्ति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर राजस्व में भी वृद्धि होगी।
पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी लगाने पर जोर
जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक आयोजित की जाए। बैठक में पेट्रोल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे अपराध नियंत्रण और दुर्घटनाओं की जांच में भी सहायक सिद्ध होंगे।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता
जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने जिला सड़क सुरक्षा टीम को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता, निगरानी और प्रवर्तन तीनों स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने को कहा।
हिट एंड रन मामलों का जल्द हो निपटारा
बैठक में हिट एंड रन मुआवजा योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और पात्र पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
ड्राइविंग स्कूलों की गुणवत्ता पर रहेगा प्रशासन का फोकस
उपायुक्त ने जिले में संचालित ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से ही प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक तैयार होंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।
उन्होंने प्रशिक्षण संस्थानों को निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
सड़क सुरक्षा उपकरणों की तैयार होगी सूची
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने आवश्यक उपकरणों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। इनमें ब्रेथ एनालाइजर, बैरियर, टॉर्च, स्लाइडर समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
महिलाओं को मिलेगा नया रोजगार अवसर
बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं के सशक्तिकरण से भी जुड़ा रहा। उपायुक्त ने महिलाओं के लिए टोटो ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को स्वरोजगार का नया अवसर मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रशासन का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
ढाबा कर्मियों को भी मिलेगा सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सड़क किनारे स्थित ढाबा कर्मियों के लिए क्विक रिस्पांस ट्रेनिंग एवं जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना के शुरुआती क्षणों में स्थानीय लोगों और ढाबा कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उचित प्रशिक्षण मिलने से वे दुर्घटना पीड़ितों की मदद कर सकते हैं और कई जानें बचाई जा सकती हैं।
समन्वित प्रयासों से बनेगी सुरक्षित परिवहन व्यवस्था
बैठक के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जिले के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
उपायुक्त के निर्देशों से स्पष्ट है कि पश्चिमी सिंहभूम में अब परिवहन व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और ग्रामीण यातायात सेवाओं को लेकर प्रशासन अधिक सक्रिय और गंभीर नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का प्रभाव जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।












