34 वर्षों की समर्पित सेवा को मिला भावुक सम्मान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
जीवन की हर यात्रा का एक पड़ाव होता है, लेकिन कुछ लोग अपने कार्य, व्यवहार और व्यक्तित्व से ऐसी अमिट छाप छोड़ जाते हैं कि उनकी विदाई केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भावनाओं का संगम बन जाती है। ऐसा ही भावुक माहौल उस समय देखने को मिला जब झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा सेल की किरीबुरु लौह अयस्क खदान के सहायक महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) प्रशांत कुमार पंडा को उनके सेवानिवृत्ति अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई।
समारोह में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की आंखों में जहां अपने प्रिय अधिकारी के बिछड़ने का गम था, वहीं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाओं की खुशी भी साफ झलक रही थी। कार्यक्रम यादों, अनुभवों और भावनाओं से सराबोर रहा।

“आज खुशी भी है और गम भी”
झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने स्वागत भाषण में कहा कि यह दिन हम सभी के लिए बेहद भावुक और यादगार है। उन्होंने कहा कि पंडा साहब को विदाई देने के लिए सभी अधिकारी एकत्र हुए हैं, इसके लिए वे सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशांत कुमार पंडा ने 34 वर्षों से अधिक समय तक सेल की विभिन्न खदानों में अपनी सेवाएं दी हैं। बोलानी, मेघाहातुबुरु और किरीबुरु जैसी महत्वपूर्ण खदानों में उन्होंने असैनिक विभाग के अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट योगदान दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल संस्थान के विकास में भूमिका निभाई, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई।
सरलता और संवेदनशीलता की मिसाल थे पंडा साहब
अवधेश कुमार ने कहा कि पंडा साहब का व्यक्तित्व उनकी सबसे बड़ी पूंजी रहा है। वे अत्यंत सरल, सहज, भावुक और मधुर स्वभाव के व्यक्ति हैं। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की समस्या हो, वे हमेशा सहायता के लिए तत्पर रहते थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी बहुत कम मिलते हैं जो अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए मानवीय मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उनकी कमी हर दिन महसूस होगी, लेकिन उनके जीवन की नई यात्रा के लिए सभी की शुभकामनाएं सदैव उनके साथ रहेंगी।
“सकारात्मक सोच और विनम्रता उनकी पहचान”
मेघाहातुबुरु के महाप्रबंधक (विद्युत) प्रभारी नवीन सनकुसरे ने अपने संबोधन में कहा कि पंडा साहब के साथ बिताए गए समय की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
उन्होंने कहा कि जितनी बार भी उनके साथ काम करने और मिलने का अवसर मिला, उन्होंने पाया कि पंडा साहब बेहद सकारात्मक सोच रखने वाले, विनम्र और अपने कार्यक्षेत्र के गहरे जानकार अधिकारी हैं। उनकी कार्यकुशलता और व्यवहार दोनों ही प्रेरणादायक रहे हैं।
उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखी और सफल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है और उन्हें विश्वास है कि पंडा साहब अपने जीवन के इस नए अध्याय को भी उसी उत्साह और सकारात्मकता के साथ जिएंगे।

“मैंने हमेशा कोशिश की कि किसी का काम न रुके”
विदाई समारोह के दौरान जब प्रशांत कुमार पंडा ने अपने संस्मरण साझा किए तो माहौल और अधिक भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने हमेशा यह प्रयास किया कि किसी भी व्यक्ति का काम उनके कारण न रुके।
उन्होंने कहा, “मैंने जहां भी कार्य किया, पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपना सौ प्रतिशत देने का प्रयास किया। आज जब मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूं, तब मेरे मन में केवल संतोष है कि मुझे इतने अच्छे सहयोगियों और मित्रों के साथ काम करने का अवसर मिला।”
उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद वे जहां भी रहेंगे, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु और यहां के सभी सहयोगी उनके दिल की गहराइयों में हमेशा बसे रहेंगे।

सम्मान, स्मृतियां और शुभकामनाओं के बीच विदाई
समारोह के दौरान एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सक्रिय सदस्य सुब्रत कुमार बिस्वाल, मोहन कुमार सहित अनेक अधिकारियों ने पंडा साहब को सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद और सफल जीवन की कामना की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि प्रशांत कुमार पंडा केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक ऐसे मार्गदर्शक और मित्र रहे हैं जिनकी कार्यशैली, विनम्रता और मानवीय संवेदनाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।
34 वर्षों की सेवा यात्रा भले ही आज औपचारिक रूप से समाप्त हुई हो, लेकिन प्रशांत कुमार पंडा द्वारा छोड़ी गई कार्यनिष्ठा, सादगी और मानवीय रिश्तों की विरासत लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
बड़ी संख्या में अधिकारी रहे उपस्थित
विदाई समारोह में किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु खदान के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर प्रशांत कुमार पंडा के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर श्री सुकरा हो, श्री योगेश प्रसाद राम, श्री संजय कुमार, श्री तुहीन बनर्जी, श्री परवीण कुमार, श्री कपिल तोमर, श्री विकास मिश्रा, श्री रथिन विश्वास, डॉ. मनोज कुमार, श्री सिताराम महतो, श्री आर्तत्राण जेना, श्री राहुल यादव, श्री प्रदीप जायसवाल, श्री अशोक नागरु, श्री राजकुमार यादव, श्री विकास आनंद, श्री जैकी अहमद, श्री सर्वेश कुमार, श्री शशि भूषण कुमार, श्री संतोष कुमार सिंह, श्री परवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।












