किशोरियों, महिलाओं और ग्रामीणों को स्वास्थ्य, स्वच्छता व मलेरिया रोकथाम के प्रति किया गया जागरूक
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
माहवारी स्वच्छता दिवस एवं मलेरिया रोधी माह जून 2026 के अवसर पर किरीबुरू क्लस्टर क्षेत्र में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 28 मई से 4 जून तक चलने वाले “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत महिला समूहों, किशोरियों तथा ग्रामीणों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन एवं मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में चर्च हाटिंग में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में किशोरी लड़कियों एवं आम नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों ने माहवारी स्वच्छता शपथ ग्रहण करते हुए संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, समाज एवं समुदाय में माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों और मिथकों को दूर करने का प्रयास करेंगी तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएंगी। शपथ में यह भी कहा गया कि सभी किशोरियों एवं महिलाओं को सुरक्षित माहवारी प्रबंधन, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित कराने में सहयोग किया जाएगा।

माहवारी को लेकर जागरूकता पर विशेष जोर
अभियान के दौरान वक्ताओं ने कहा कि माहवारी कोई बीमारी नहीं बल्कि महिलाओं की एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। इसके बावजूद आज भी समाज में इससे जुड़े कई मिथक और भ्रांतियां मौजूद हैं। इन्हें दूर करने के लिए खुलकर संवाद करने और सही जानकारी देने की आवश्यकता है। महिलाओं को नियमित हाथ धोने, स्वच्छ सैनिटरी सामग्री के उपयोग तथा माहवारी अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान के प्रति भी जागरूक किया गया।
मलेरिया मुक्त जिला बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में मलेरिया रोधी माह के तहत उपस्थित लोगों ने मलेरिया उन्मूलन की शपथ भी ली। सभी ने अपने घरों एवं आसपास जल जमाव नहीं होने देने, नियमित मच्छरदानी का उपयोग करने, बुखार होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच कराने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार कराने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी संदेशों के माध्यम से बताया गया कि मलेरिया से बचाव के लिए घर एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। लोगों को पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहनने, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने तथा मलेरिया की जांच और उपचार हेतु सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाने की सलाह दी गई।

महिला समूहों की रही सक्रिय भागीदारी
इस जागरूकता कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं महिला समूहों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में मुखिया पार्वती किड़ो, मुखिया प्रफुलिता ग्लोरिया टोपनो, कनक मिश्रा सहित विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की दर्जनों पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थीं। सभी ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी अभियानों को गांव-गांव तक पहुंचाने और महिलाओं व किशोरियों को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि “स्वच्छ झारखंड, स्वस्थ झारखंड और समृद्ध झारखंड” के निर्माण में जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि “सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं, मलेरिया को दूर भगाएं” और “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान को जन-जन तक














