नक्सल प्रभावित गांवों से 15 मोटरसाइकिल बरामद, पुलिस की बड़ी चेतावनी – खुद थाना में जमा करें, वरना होगी कानूनी कार्रवाई
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
सारंडा के जंगलों से खुल रहा चोरी की बाइकों का काला साम्राज्य
चाईबासा और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 20 चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी के बाद अब एक नया और चौंकाने वाला तथ्य सामने आ रहा है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि सारंडा के दुर्गम जंगलों और नक्सल प्रभावित गांवों में अभी भी दर्जनों चोरी की मोटरसाइकिलें छिपाकर रखी गई हो सकती हैं।
हाल ही में बरामद 20 मोटरसाइकिलों में से 15 मोटरसाइकिल सिर्फ सारंडा क्षेत्र से बरामद की गई हैं। यह तथ्य इस बात की ओर इशारा करता है कि चोरी के वाहनों को छिपाने और खपाने के लिए सारंडा के दूरस्थ इलाकों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

टोंटोगाड़ा और टाटीबा बने चोरी की बाइकों के ठिकाने
पुलिस की छापेमारी में छोटानागरा थाना क्षेत्र के टोंटोगाड़ा गांव से 9 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। वहीं किरीबुरू थाना क्षेत्र के टाटीबा बिरहोर टोला से 6 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं।
दोनों गांव अत्यंत दुर्गम और पूर्व से नक्सल प्रभावित क्षेत्र माने जाते हैं। ऐसे इलाकों में पहुंचकर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुलिस का साहसिक अभियान
सारंडा के घने जंगल और दुर्गम गांव लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों के कारण संवेदनशील क्षेत्र माने जाते रहे हैं। ऐसे इलाकों में जाकर चोरी के वाहनों के नेटवर्क का भंडाफोड़ करना पुलिस के लिए आसान काम नहीं था।
इसके बावजूद पुलिस टीम ने जोखिम उठाकर अभियान चलाया और वाहन चोरी के संगठित गिरोह को बड़ा झटका दिया। इस कार्रवाई से अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
ग्रामीणों से पुलिस की अपील
किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार ने सारंडा क्षेत्र के ग्रामीणों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि कई लोग अनजाने में सस्ते दाम पर चोरी की मोटरसाइकिल खरीद लेते हैं। ऐसे लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास चोरी की मोटरसाइकिल है और वह स्वेच्छा से उसे थाना में जमा कर देता है, तो उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
नहीं लौटाई बाइक तो होगी सख्त कार्रवाई
थाना प्रभारी रोहित कुमार ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह अवसर केवल स्वेच्छा से वाहन जमा करने वालों के लिए है। यदि कोई व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल छिपाकर रखता है और बाद में पुलिस जांच के दौरान वह बरामद होती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चोरी की संपत्ति को अपने पास रखना भी अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की नजर अब पूरे सारंडा पर
20 मोटरसाइकिलों की बरामदगी के बाद पुलिस की नजर अब पूरे सारंडा क्षेत्र पर है। वाहन चोरी गिरोह के अन्य सदस्यों, खरीददारों और चोरी के वाहनों के ठिकानों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी बरामदगी हो सकती है। इसके लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई है।
अपराधियों को साफ संदेश
सारंडा के जंगलों में छिपाकर रखी गई चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और चोरी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है।
अब सवाल यह है कि पुलिस की चेतावनी के बाद कितने लोग खुद आगे आकर चोरी के वाहन थाना में जमा करते हैं और कितने लोग कानून के शिकंजे में फंसते हैं। इतना तय है कि सारंडा में चोरी की मोटरसाइकिलों के खिलाफ पुलिस का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि यह और तेज होने वाला है।













