स्वास्थ्य विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल, स्वच्छता व बचाव के उपायों पर दिया गया जोर
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू पश्चिम पंचायत के मुर्गापाड़ा बस्ती में स्वास्थ्य विभाग एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित प्रोजेक्ट जागृति के तहत मलेरिया रोधी जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत की मुखिया श्रीमती पार्वती किडो ने की। इस अवसर पर पंचायत के 87 पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।

मलेरिया से बचाव की दी गई जानकारी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करना, मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय बताना तथा स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रेरित करना था। ग्रामीणों को मलेरिया के कारण, लक्षण एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
जलजमाव रोकने और मच्छरदानी के उपयोग पर जोर
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देना, नियमित साफ-सफाई रखना तथा मच्छरदानी का उपयोग करना मलेरिया से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं। लोगों को अपने घरों और मोहल्लों को स्वच्छ रखने की अपील भी की गई।
सामूहिक प्रयास से मिलेगी सफलता : मुखिया
मुखिया श्रीमती पार्वती किडो ने कहा कि मलेरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही मलेरिया मुक्त समाज का सपना साकार हो सकता है।
स्वास्थ्य कर्मियों और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी सरिता बारजो, उपमुखिया सुमन मुंडू, एएनएम अनिमा मिंज, एलिजाबेथ मांझी, सहिया सुमित्रा मांझी, निशा सांडिल, सरिता मुंडा, गीता लागूरी, अनिल लिमाई सहित कई स्वास्थ्यकर्मी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
टाटा स्टील फाउंडेशन ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल संचालन में टाटा स्टील फाउंडेशन के आशीष कुमार महतो, समीर गोप एवं प्रवीण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

स्वच्छ गांव, स्वस्थ समाज का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने, जलजमाव रोकने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र को मलेरिया मुक्त बनाया जा सके।












