जलजमाव और गंदगी से राहत दिलाने को जनप्रतिनिधि, प्रशासन और समाजसेवियों की संयुक्त पहल; निरीक्षण कर बनाई गई रणनीति
रिपोर्ट: शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
बरसात के मौसम में जलजमाव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे बड़ाजामदा क्षेत्र के लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत बड़ाजामदा आदर्श मध्य विद्यालय के समीप स्थित पुलिया के नाले की सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर एक अहम पहल शुरू की गई है। यह पहल नोवामुंडी भाग-एक की जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी और उप प्रमुख ज्योति दास के प्रयास से शुरू हुई है।
शनिवार को जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी, उप प्रमुख ज्योति दास, बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव और समाजसेवी संतोष प्रसाद उर्फ डेबरा ने पुलिया स्थित नाले का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नाले की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया और बारिश शुरू होने से पहले इसकी सफाई सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

डस्टबिन लगाने का निर्णय, कचरा फेंकने की आदत पर लगेगी रोक
निरीक्षण के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिया के समीप डस्टबिन लगाया जाएगा, ताकि स्थानीय लोग घरेलू कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर डालें। इससे नाले में कचरा जमा होने की समस्या पर रोक लगेगी और जल निकासी व्यवस्था बाधित नहीं होगी।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सफाई के साथ-साथ लोगों में जागरूकता लाना भी जरूरी है, ताकि स्वच्छता अभियान स्थायी रूप से सफल हो सके।
बरसात में बनती है बाढ़ जैसी स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल बरसात के मौसम में पुलिया स्थित नाले में कचरा और गाद जमा हो जाने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है। इसका परिणाम यह होता है कि गंदा पानी आसपास के घरों में घुस जाता है और बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।
स्थायी समाधान की दिशा में संयुक्त पहल
जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाजसेवियों ने इसे केवल सफाई अभियान तक सीमित न रखकर स्थायी समाधान की दिशा में काम करने का संकल्प लिया है। उनका मानना है कि नियमित सफाई, बेहतर कचरा प्रबंधन और स्थानीय सहयोग से इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान प्रकाश गुप्ता और आदर्श मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।













