आर्थिक अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
भारतीय मज़दूर संघ (BMS) ने SAIL प्रबंधन पर कर्मचारियों के आर्थिक और वैधानिक अधिकारों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन के सह उद्योग प्रभारी (स्टील सेक्टर) हिमांशु बल ने राउरकेला SAIL प्रबंधन को पत्र भेजकर राष्ट्रीय अवकाश अतिरिक्त वेतन (National Holiday Extra Wage) और उच्च पेंशन (Higher Pension) अंशदान की गणना में हुई कथित गंभीर त्रुटियों को तत्काल सुधारने की मांग की है।

26 जनवरी के अतिरिक्त वेतन में बड़ी गड़बड़ी
हिमांशु बल के अनुसार, दुर्गापुर स्टील प्लांट (DSP) को छोड़कर राउरकेला स्टील प्लांट (RSP), बोकारो स्टील प्लांट (BSL), भिलाई स्टील प्लांट (BSP), आईआईएससीओ (IISCO), सेलम स्टील प्लांट, अलॉय स्टील प्लांट (ASP) और SAIL की सभी माइंस में 26 जनवरी 2026 के राष्ट्रीय अवकाश का अतिरिक्त वेतन संशोधित महंगाई भत्ते (New DA) के बजाय पुराने महंगाई भत्ते (Old DA) के आधार पर भुगतान किया गया। इतना ही नहीं, जनवरी और फरवरी 2026 के अतिरिक्त वेतन का भुगतान भी पुराने DA पर किए जाने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
उच्च पेंशन पर भी पड़ा असर
BMS का आरोप है कि राउरकेला और बोकारो स्टील प्लांट में जनवरी, फरवरी और मार्च 2026 के दौरान 58 वर्ष की आयु पूरी कर उच्च पेंशन के पात्र बने कर्मचारियों के EPF अंशदान की गणना भी पुराने DA के आधार पर की गई। इससे कर्मचारियों की मासिक पेंशन जीवनभर के लिए लगभग ₹200 से ₹400 तक कम हो सकती है।
‘यह तकनीकी गलती नहीं, अधिकारों का उल्लंघन’
भारतीय मज़दूर संघ ने इस पूरे मामले को महज़ तकनीकी त्रुटि मानने से इनकार किया है। संगठन का कहना है कि यह कर्मचारियों के आर्थिक और वैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है तथा न्यू लेबर कोड के वेज एक्ट और सोशल सिक्योरिटी एक्ट का उल्लंघन है।
SAIL की सभी इकाइयों को दिया निर्देश
BMS ने SAIL की सभी इकाइयों के पदाधिकारियों से अपने-अपने प्रबंधन को पत्र लिखकर इस त्रुटि को तत्काल सुधारने और कर्मचारियों का बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने की अपील की है।
BMS की प्रमुख मांगें
संगठन ने मांग की है कि—
* 26 जनवरी 2026 के राष्ट्रीय अवकाश अतिरिक्त वेतन की पुनर्गणना संशोधित DA के आधार पर की जाए।
* जनवरी एवं फरवरी 2026 के सभी अतिरिक्त वेतन का भुगतान सही DA के अनुसार किया जाए।
* उच्च पेंशन अंशदान की दोबारा गणना कर कर्मचारियों को सही पेंशन लाभ दिया जाए।
* सभी प्रभावित कर्मचारियों को अंतर राशि का तत्काल भुगतान किया जाए।
हिमांशु बल की दो टूक चेतावनी
हिमांशु बल ने चेतावनी दी है कि यदि SAIL प्रबंधन ने जल्द त्रुटियों में सुधार नहीं किया, तो भारतीय मज़दूर संघ कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए मामले को रीजनल लेबर कमिश्नर के समक्ष उठाएगा और कानूनी चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।














