पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और मधु कोड़ा को सौंपा मांगपत्र, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था बहाल करने की अपील
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू-नोवामुंडी दौरे पर पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी एवं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से टाटिबा-बराईबुरु सरना एसोसिएट्स के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर सारंडा क्षेत्र की जनसमस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों नेताओं को मांगपत्र सौंपते हुए वर्षों से बंद पड़ी खदानों को पुनः शुरू कराने तथा टाटिबा और बराईबुरु गांव के बच्चों के लिए पहले की तरह स्कूल बस सेवा बहाल कराने की मांग की।

बंद खदानों से बढ़ी बेरोजगारी और पलायन
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एक समय सारंडा क्षेत्र में दर्जनों लौह अयस्क खदानें संचालित थीं। इन खदानों से हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता था। रोजगार उपलब्ध होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी थीं और पलायन पर भी काफी हद तक रोक लगी थी। लेकिन वर्षों से अधिकांश खदानों के बंद रहने के कारण स्थानीय युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में बड़ी संख्या में लोगों को दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है।
शिक्षा पर भी पड़ा प्रतिकूल असर
एसोसिएट्स के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले खनन कंपनियों की ओर से गांव के बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए बस सेवा उपलब्ध कराई जाती थी। खदानें बंद होने के बाद यह सुविधा भी समाप्त हो गई, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल बस सेवा को फिर से शुरू कराया जाए।
जीवन स्तर में आई गिरावट
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जब खदानें संचालित थीं, तब स्थानीय परिवार अपने बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ा पाते थे, उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराते थे और उनका जीवन स्तर लगातार बेहतर हो रहा था। खदानें बंद होने के बाद आर्थिक तंगी के कारण लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है और कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

समस्याओं के समाधान की जताई उम्मीद
टाटिबा-बराईबुरु सरना एसोसिएट्स ने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों से सारंडा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि बंद खदानों के संचालन और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए सरकार स्तर पर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।













