कार्यालय और कार्यस्थल में घुसा पानी, कीचड़ और करंट के खतरे के बीच काम करने को मजबूर मजदूर
जेएमएसएस के नेतृत्व में मजदूरों ने जताया विरोध, सीजीएम के एक सप्ताह में तीन शेड व कार्यालय शुरू कराने के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त
गुवा संवाददाता।
मंगलवार सुबह से लगातार हुई बारिश ने गुवा सेल खदान के जीरो पॉइंट क्षेत्र में कामकाज की व्यवस्था की पोल खोल दी। भारी बारिश के कारण जीरो पॉइंट में बड़े पैमाने पर जलजमाव हो गया, जिससे कार्यालय सहित कार्यक्षेत्र में पानी और कीचड़ भर गया। काम करने की स्थिति असुरक्षित होने का आरोप लगाते हुए सेल कर्मियों एवं ठेका श्रमिकों ने झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (जेएमएसएस) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के नेतृत्व में उत्पादन कार्य को करीब दो घंटे तक ठप रखा।

पानी में डूबा कार्यक्षेत्र, मजदूरों की बढ़ी परेशानी
मजदूरों का कहना था कि बारिश के बाद जीरो पॉइंट का कार्यस्थल जलजमाव और कीचड़ में तब्दील हो जाता है। कार्यालय परिसर में भी पानी भरने से कर्मचारियों को काम करने में परेशानी होती है। कार्यक्षेत्र में फिसलन के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं बिजली के उपकरणों के आसपास पानी जमा होने से करंट लगने का खतरा भी मजदूरों ने जताया।

‘हर साल बारिश में यही स्थिति होती है’
जेएमएसएस केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि जीरो पॉइंट में जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। प्रत्येक बारिश के मौसम में मजदूरों को इसी तरह की परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि खदान जैसे संवेदनशील कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डोजर की स्थिति खराब होने के बावजूद कर्मचारियों पर काम करने का दबाव बनाया जाता है, जिससे किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

अधिकारी पहुंचे मौके पर, यूनियन के साथ हुई वार्ता
मजदूरों के विरोध की जानकारी मिलने के बाद सेल के सीजीएम चंद्र भूषण कुमार, एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार, माइंस मैनेजर सह डीजीएम मिलन नंदी तथा जीरो पॉइंट के एचओडी आरके सिन्हा मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जलजमाव और मजदूरों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जब तक कार्यस्थल को सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक मजदूरों को जोखिम में डालकर काम नहीं कराया जाना चाहिए।
सुरक्षित स्थान पर तीन शेड और कार्यालय की मांग
वार्ता के दौरान यूनियन की ओर से मांग रखी गई कि जीरो पॉइंट के मौजूदा जलजमाव वाले स्थान से हटकर किसी सुरक्षित जगह पर मजदूरों के आराम के लिए तीन शेड और कार्यालय का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान भी कर्मचारियों को सुरक्षित सुविधा मिल सके।

सीजीएम ने दिया एक सप्ताह में काम शुरू कराने का आश्वासन
वार्ता के दौरान सीजीएम चंद्र भूषण कुमार ने यूनियन को आश्वासन दिया कि वैकल्पिक एवं सुरक्षित स्थान पर मजदूरों के लिए तीन शेड और कार्यालय निर्माण का कार्य एक सप्ताह के भीतर शुरू कराया जाएगा।
अधिकारी के आश्वासन के बाद मजदूरों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया और करीब दो घंटे से प्रभावित उत्पादन कार्य को दोबारा शुरू कर दिया गया।
बारिश में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठा सवाल
गुवा क्षेत्र में बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या सामने आने के बाद खदानों में जलनिकासी और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों का कहना है कि बारिश के दौरान केवल उत्पादन जारी रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षित कार्यस्थल, प्रभावी जलनिकासी और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सेल प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर वैकल्पिक स्थान पर तीन शेड और कार्यालय निर्माण का काम शुरू होता है या नहीं।













