सेल की चार खदानें होने के बावजूद अग्निशमन वाहन नहीं होने पर मजदूर नेता रामा पाण्डे ने उठाए सवाल
गुवा संवाददाता।
गुवा के नानक नगर बाजार एवं बस स्टैंड के समीप मुख्य सड़क किनारे सेल, गुवा प्रबंधन के आवासीय परिसर में बुधवार की शाम शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते दो श्रमिकों दीपक लोहार और कालेश्वर हाजरा के घरों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में दोनों घरों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया और लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, आग बुधवार 19 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे लगी। अचानक आग भड़कने के बाद दोनों आवासों में तेजी से फैल गई। आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का लगातार प्रयास किया, लेकिन आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। आग की गंभीर स्थिति को देखते हुए टाटा स्टील, नोवामुंडी प्रबंधन को सूचना दी गई, जिसके बाद वहां से अग्निशमन वाहन मंगाया जा रहा है।

आग लगने के समय घर में मौजूद लोगों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना में फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, दोनों आवासों में रखे घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं के जलने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
सेल की चार खदानें, फिर भी अग्निशमन वाहन नहीं
घटना को लेकर मजदूर नेता रामा पाण्डे ने सेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सेल जैसी महारत्न कंपनी की मेघाहातुबुरु, किरीबुरू, गुवा और चिड़िया में चार बड़ी खदानें संचालित हैं, लेकिन गुवा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में आग बुझाने के लिए पर्याप्त अग्निशमन वाहन की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।

रामा पाण्डे ने कहा कि यदि सेल के पास अपना अग्निशमन वाहन उपलब्ध होता तो आग लगने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर उस पर काबू पाया जा सकता था और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सेल की मेघाहातुबुरु, किरीबुरू, गुवा और चिड़िया खदानों एवं आवासीय क्षेत्रों में समय-समय पर आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद आग से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्होंने सेल प्रबंधन से गुवा में तत्काल अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने तथा आवासीय क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है।














