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करंट से बचाने के लिए लगाए गए कवर केबल बने ‘आग का बम’!

On: August 11, 2026 3:59 PM
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जगन्नाथपुर में बिजली विभाग की नई व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, धमाके के साथ धधक रहे केबल बॉक्स

रिपोर्ट : शैलेश सिंह

जगन्नाथपुर। आम लोगों को खुले बिजली तारों के खतरे से बचाने के लिए झारखंड बिजली विभाग की ओर से जगन्नाथपुर मुख्य बाजार, मौलानगर, रहीमाबाद समेत शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की पहल की गई थी। पुराने खुले तारों को हटाकर उनकी जगह कवर केबल लगाए गए और जगह-जगह बॉक्स लगाकर घरों एवं दुकानों को बिजली कनेक्शन दिया गया। लेकिन अब यही कथित सुरक्षित व्यवस्था लोगों के लिए जानलेवा आफत बनती नजर आ रही है।

जगन्नाथपुर मख्य बाजार की स्थिति 

सुरक्षा के नाम पर बनी व्यवस्था, अब बन रही आग का खतरा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन बिजली बॉक्सों को सुरक्षा के उद्देश्य से लगाया गया था, उन्हीं में आए दिन शॉर्ट सर्किट हो रहा है। शॉर्ट सर्किट के बाद बॉक्स से आग की लपटें निकलने लगती हैं और उसमें लगे केबल धू-धू कर जलने लगते हैं। इससे आसपास के घरों और दुकानों में आग फैलने का खतरा बना रहता है।

बिजली बॉक्स के नीचे खड़े दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन और वहां से गुजरने वाले आम लोगों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। यदि किसी समय आग की लपटें या जलता हुआ प्लास्टिक किसी वाहन या व्यक्ति पर गिर गया तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

11 अगस्त को दो जगह जोरदार धमाके के साथ लगी आग

मंगलवार, 11 अगस्त को जगन्नाथपुर मुख्य बाजार और मौलानगर जाने वाले रास्ते में लगे दो अलग-अलग बिजली बॉक्स में अचानक तेज धमाके के साथ आग लग गई। देखते ही देखते बॉक्स में लगे केबल जलने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केबल के ऊपर चढ़ा प्लास्टिक कवर आग की चपेट में आते ही तेजी से जलने लगा। जलता हुआ प्लास्टिक पिघलकर नीचे जमीन पर गिरता रहा। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों और दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

लोगों का कहना है कि यदि आग कुछ देर और फैलती तो आसपास की दुकानों और घरों तक पहुंच सकती थी। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।

शॉर्ट सर्किट के बाद भी बिजली आपूर्ति बंद क्यों नहीं?

सबसे गंभीर सवाल बिजली की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बॉक्स में तेज शॉर्ट सर्किट और आग लगने के बावजूद बिजली आपूर्ति तत्काल ऑटोमैटिक तरीके से बंद नहीं हो पा रही है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब इन बॉक्सों और केबलों को सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के नाम पर लगाया गया है तो इनमें ऐसी सुरक्षा प्रणाली क्यों नहीं है, जो शॉर्ट सर्किट या अत्यधिक करंट की स्थिति में तत्काल बिजली आपूर्ति काट दे?

यदि किसी बॉक्स में आग लगने के बावजूद करंट प्रवाहित होता रहा तो आग बुझाने पहुंचने वाले लोगों के लिए भी जान का खतरा पैदा हो सकता है।

तीन महीने पहले हुआ था काम, अब सामने आने लगी खामियां

स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले ही पांडेय नामक ठेका कंपनी द्वारा खुले बिजली तारों को हटाकर कवर केबल और बॉक्स लगाने का काम कराया गया था।

लेकिन इतने कम समय में ही कई जगहों पर केबल बॉक्स में शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाएं सामने आने से कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

लोगों का आरोप है कि यदि काम निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ किया गया होता तो इतनी जल्दी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

मौलानगर क्षेत्र की स्थिति

मानक केबल लगा या घटिया सामग्री? जांच का विषय

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिजली विभाग द्वारा लगाए गए कवर केबल और बॉक्स में इस्तेमाल की गई सामग्री वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि घटिया गुणवत्ता के केबल, कनेक्टर, बॉक्स अथवा अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है तो यह पूरे इलाके के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाओं ने विभाग और संबंधित ठेका एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

दुकानदारों में डर, घरों के विद्युत उपकरण भी खतरे में

बिजली बॉक्स में बार-बार हो रही खराबी से दुकानदार और उपभोक्ता भी चिंतित हैं। लोगों को आशंका है कि शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक हाई वोल्टेज या विद्युत आपूर्ति में गड़बड़ी हुई तो घरों और दुकानों में लगे पंखे, टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर, मोटर, इन्वर्टर समेत महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल सकते हैं।

इसके अलावा आग यदि विद्युत तारों के जरिए आसपास की दुकानों तक फैलती है तो लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हो सकता है।

बिजली विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और बिजली विभाग का उद्देश्य खुले तारों को हटाकर जनता को सुरक्षित बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराना था, लेकिन यदि नई व्यवस्था ही आग और करंट का कारण बनने लगे तो इसकी तत्काल समीक्षा आवश्यक है।

लोगों ने सवाल उठाया कि काम पूरा होने के बाद क्या विभागीय अधिकारियों ने सभी बॉक्स, केबल, कनेक्शन, अर्थिंग और सुरक्षा उपकरणों की तकनीकी जांच की थी? यदि जांच की गई थी तो इतने कम समय में शॉर्ट सर्किट की घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं?

लापरवाही हुई तो किसी दिन हो सकता है बड़ा हादसा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अभी तक घटनाओं में केवल केबल जलने की स्थिति सामने आई है। लेकिन यदि समय रहते व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी दिन यही बिजली बॉक्स बड़े अग्निकांड या करंट हादसे का कारण बन सकते हैं।

खासकर मुख्य बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में बिजली बॉक्स में आग लगना बेहद गंभीर मामला है। यहां दुकानों के साथ बड़ी संख्या में लोग और वाहन मौजूद रहते हैं। ऐसे में आग फैलने पर जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।

उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

आम जनता और उपभोक्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नए लगाए गए सभी कवर केबल, बिजली बॉक्स, कनेक्टर, फ्यूज, एमसीबी, अर्थिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए।

साथ ही यह भी जांच होनी चाहिए कि काम किस तकनीकी मानक के तहत कराया गया, इसमें कौन-कौन सी सामग्री इस्तेमाल की गई और क्या संबंधित ठेका एजेंसी ने विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया है।

लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि खतरे वाले सभी बिजली बॉक्सों का तत्काल निरीक्षण कर खराब केबल एवं उपकरण बदले जाएं और ऐसी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि शॉर्ट सर्किट होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाए।

जनता का सवाल—सुरक्षा चाहिए या नई मुसीबत?

जगन्नाथपुर के लोगों का सीधा सवाल है कि यदि खुले तारों को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था के नाम पर लगाए गए कवर केबल और बॉक्स ही आग का कारण बन रहे हैं, तो आखिर इस पूरी योजना का लाभ आम जनता को कब मिलेगा?

लोगों ने स्पष्ट कहा है कि जनता की जान-माल से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। यदि निर्माण और सामग्री की गुणवत्ता में गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बिजली विभाग को तत्काल ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे जगन्नाथपुर के बाजार और ग्रामीण इलाकों में बिजली सुविधा लोगों के लिए सहूलियत बने, जान का खतरा नहीं।

SINGHBHUMHALCHAL NEWS

सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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