सेल गुवा अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर मजदूर नेता का गंभीर आरोप, सुधार नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सेल, गुवा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में मरीजों को दवा लिखने के लिए पर्याप्त दवा पर्ची तक उपलब्ध नहीं है। स्थिति यह है कि चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच करने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान जमा किए गए आधार कार्ड की छाया प्रति के पीछे ही जरूरी दवाइयां लिखी जा रही हैं।

दवा पर्ची नहीं, आधार कार्ड की कॉपी बनी सहारा
रामा पाण्डे ने आरोप लगाया कि किसी अस्पताल में मरीजों के इलाज और दवा लिखने के लिए आवश्यक पर्ची तक उपलब्ध नहीं होना अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड की छाया प्रति के पीछे दवाइयां लिखे जाने की स्थिति से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेल गुवा अस्पताल की व्यवस्था किस हालत में पहुंच चुकी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस अस्पताल में आसपास के क्षेत्र के बड़ी संख्या में मजदूर और ग्रामीण इलाज के लिए निर्भर हैं, वहां मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव क्यों है।
दो काउंटर, एक ही फार्मासिस्ट से दवा वितरण
मजदूर नेता ने अस्पताल के दवा वितरण व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अस्पताल में दो फार्मासिस्ट के स्थान पर दो दवा काउंटरों में से केवल एक काउंटर पर ही एक फार्मासिस्ट द्वारा दवा वितरण किया जाता है। इसके कारण मरीजों को दवा लेने के लिए घंटों लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता है।

दूसरे फार्मासिस्ट की भूमिका पर भी उठे सवाल
रामा पाण्डे ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मौजूद दूसरे फार्मासिस्ट अमन कुमार को दवा वितरण के बजाय अन्य कार्यों में लगाए रखा जाता है। उनका कहना है कि जब अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक हो और दवा लेने के लिए लंबी कतार लग रही हो, तब उपलब्ध फार्मासिस्टों का उपयोग दवा वितरण में किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो।
मरीजों की परेशानी पर प्रबंधन बेखबर!
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज पहले चिकित्सक से जांच कराते हैं और इसके बाद दवा लेने के लिए उन्हें लंबी कतार का सामना करना पड़ता है। यदि एक ही फार्मासिस्ट दवा वितरण करेगा तो स्वाभाविक रूप से मरीजों का इंतजार बढ़ेगा। गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को इससे विशेष परेशानी झेलनी पड़ती है।

व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन का ऐलान
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने सेल गुवा अस्पताल प्रबंधन और सेल गुवा प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि अस्पताल की तमाम व्यवस्थाओं में जल्द सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों को दवा लिखने के लिए पर्याप्त पर्ची उपलब्ध कराने, दवा वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने और दोनों फार्मासिस्टों की सेवाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की व्यवस्था जल्द नहीं सुधरी तो अस्पताल प्रबंधन और सेल गुवा प्रबंधन के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुविधा से किसी भी कीमत पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरोपों पर प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी
मजदूर नेता रामा पाण्डे द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर सेल गुवा अस्पताल प्रबंधन और सेल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रबंधन इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और मरीजों की कथित समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।












