बिरसानगर टू में ग्रामीणों की विशेष बैठक
गुवा संवाददाता।
बच्चों को नशे की लत, गलत संगत और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखकर उन्हें शिक्षा एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बिरसानगर टू स्थित चौराहे पर ग्रामीणों की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ठाकुरा गांव के मुंडा बुधराम चाम्पिया तथा समाजसेवी प्रशांत चाम्पिया और बबलू चाम्पिया ने की।

कम उम्र में नशे की ओर बढ़ रहे बच्चे
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कम उम्र के कई बच्चे गलत संगत में पड़कर नशे की गिरफ्त में पहुंच रहे हैं। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका गंभीर असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है और वे आगे चलकर गलत रास्ते पर जा सकते हैं।
बच्चों की संगत पर नजर रखें अभिभावक
ग्रामीणों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की गतिविधियों और उनकी संगत पर विशेष नजर रखें। बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के साथ उनकी पढ़ाई और व्यवहार पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
शिक्षा को बताया बेहतर भविष्य की कुंजी
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह चाबी है, जो बच्चों के भविष्य के दरवाजे खोलकर उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देकर ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
अभिभावक पहले अपनाएं नशामुक्त जीवन
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए अभिभावकों को भी स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाना होगा। घर का वातावरण सकारात्मक रहेगा तो बच्चों को गलत आदतों से बचाना आसान होगा।
नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने पर चिंता
बैठक में नाबालिग लड़के-लड़कियों को बहला-फुसलाकर शादी अथवा अन्य गलत मंशा से कहीं ले जाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल अभिभावकों और संबंधित प्रशासन को सूचना दी जानी चाहिए।
गांव स्तर पर सामाजिक निगरानी की पहल
ग्रामीणों ने नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए गांव स्तर पर सामाजिक निगरानी मजबूत करने की बात कही। साथ ही ऐसे मामलों में सामुदायिक स्तर पर आर्थिक दंड की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में राजेश चाम्पिया, बिरसानगर निवासी ऋषि नायक, काटें साहू, मुरली नायक, अशोक महतो, राकेश रोशन चाम्पिया, बीजू चाम्पिया, श्याम चाम्पिया, गोपाल चाम्पिया, मंगल चाम्पिया, चंद्रमोहन केराइ, गोनू चाम्पिया, प्रदान चाम्पिया, जयराम चाम्पिया, बाटू चाम्पिया, डोंनका हाइबुरु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
अंत में ग्रामीणों ने बच्चों को नशे और गलत संगत से बचाने तथा शिक्षा के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया।













