नक्सल प्रभावित कोल्हान में बदली तस्वीर—ग्रामीण बहनों ने CRPF जवानों की कलाई पर बांधा रक्षा-सूत्र
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
बोरोए, कोल्हान।
कभी नक्सली खौफ और गोलियों की आवाज से दहला करने वाले कोल्हान के सुदूर ग्रामीण इलाकों में अब विश्वास, सुरक्षा और भाईचारे की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बोरोए CRPF कैंप में उस समय माहौल भावुक हो उठा, जब आसपास के गांवों की ग्रामीण बच्चियों और बहनों ने CRPF जवानों को अपना फौजी भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में दिखा विश्वास का नया रिश्ता
श्री ओम जी शुक्ला, कमांडेंट, 193 बटालियन CRPF के निर्देशानुसार सी/193 समवाय के बोरोए कैंप में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बोरोए, संगाजाता, बायहातु सहित आसपास के गांवों की बच्चियां और बहनें अपने अभिभावकों के साथ सुबह करीब 9:30 बजे CRPF कैंप पहुंचीं।
जहां कभी ग्रामीण सुरक्षा कारणों से अपने घरों से बाहर निकलने में भी भय महसूस करते थे, वहीं रक्षाबंधन के दिन ग्रामीण परिवारों का बेझिझक CRPF कैंप पहुंचना क्षेत्र में बदलते माहौल की सुखद तस्वीर पेश करता रहा।

फौजी भाइयों की कलाई पर सजा रक्षा सूत्र
शुभ मुहूर्त में ग्रामीण बहनों ने अपने फौजी भाइयों की कलाई पर परंपरागत तरीके से राखी बांधी। बहनों ने जवानों के माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और उनकी लंबी आयु, सुखद एवं सुरक्षित जीवन की कामना की।
इसके बदले CRPF जवानों ने भी अपनी ग्रामीण बहनों को स्नेहपूर्वक उपहार भेंट किए। इस दौरान जवानों और ग्रामीण बहनों के बीच भाई-बहन जैसा आत्मीय रिश्ता देखने को मिला।

बदल गया बोरोए का माहौल, अब डर नहीं विश्वास है
यह आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि बोरोए, संगाजाता और बायहातु जैसे इलाकों में कभी नक्सलियों का भय ग्रामीणों की जिंदगी का हिस्सा हुआ करता था। गोलियों की आवाज और हिंसा के डर के बीच रहने वाले ग्रामीण आज अपने बच्चों और परिवार के साथ निडर होकर सुरक्षा बलों के कैंप में पहुंचकर पर्व मना रहे हैं।
रक्षाबंधन के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सुरक्षा और विश्वास के मजबूत होते रिश्ते ने क्षेत्र के सामाजिक माहौल को बदलने का काम किया है।

CRPF कैंप में बना पूरा पारिवारिक माहौल
सी/193 समवाय के कमांडिंग ऑफिसर श्री गिरधारी सिंह बगड़िया एवं उनकी टीम ने ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चियों का आत्मीय स्वागत किया। कैंप को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और पूरे परिसर में पारिवारिक एवं उत्सव का माहौल नजर आया।
राखी बांधने के बाद सभी ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चियों को जवानों की ओर से सामूहिक भोजन के लिए आमंत्रित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों और जवानों ने साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी अपनत्व और मजबूत हुआ।

ग्रामीण बहनों ने कहा—अब क्षेत्र में सुरक्षित महसूस करते हैं
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण बच्चियों ने अपने फौजी भाइयों के प्रति भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि CRPF की मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है और भय का माहौल काफी हद तक समाप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब वे अपने क्षेत्र में पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में विकास कार्यों को भी गति मिली है। वर्षों से जिन बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की प्रतीक्षा ग्रामीण कर रहे थे, उनका काम अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।

“हमारी कलाई सूनी नहीं रही”—भावुक हुए कमांडिंग ऑफिसर
सी/193 समवाय के कमांडिंग ऑफिसर श्री गिरधारी सिंह बगड़िया ने ग्रामीण बहनों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जवान अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में तैनात हैं।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि ग्रामीण बहनों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपने परिवार की कमी महसूस नहीं होने दी। “आज हमारी ग्रामीण बहनों ने हमें अपना भाई माना, यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी और सम्मान की बात है। हमें सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि हमारी कलाई सूनी नहीं रही और यहां के ग्रामीणों ने हमें अपने परिवार का हिस्सा माना।”
शांति के साथ विकास में सहयोग की अपील
कमांडिंग ऑफिसर ने ग्रामीणों से क्षेत्र में शांति और विकास का माहौल बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बिजली से संबंधित कार्य तेजी से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण सड़क निर्माण कार्य फिलहाल कुछ प्रभावित हुआ है, लेकिन संगाजाता से बोरोए होते हुए गोइलकेरा तक पक्की सड़क बनने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से बेहतर होगी और ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
“बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, तभी बदलेगा भविष्य”
श्री बगड़िया ने ग्रामीणों से विशेष रूप से अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के स्थायी विकास की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा—“अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। जब बच्चे शिक्षित होंगे तो क्षेत्र में विकास की धारा अपने आप आगे बढ़ेगी।”

राखी के धागे ने जोड़े दिल
बोरोए CRPF कैंप में मनाया गया रक्षाबंधन महज एक धार्मिक अथवा पारंपरिक आयोजन बनकर नहीं रहा। राखी के इन धागों ने सुरक्षा बलों और ग्रामीण समाज के बीच विश्वास, भाईचारे, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत किया।
एक ओर जवानों को अपने परिवार से दूर रहने के बावजूद बहनों का स्नेह मिला, तो दूसरी ओर ग्रामीण बच्चियों को अपने बीच ऐसे फौजी भाई मिले, जिनकी मौजूदगी उन्हें सुरक्षा का भरोसा देती है।
कभी भय के साये में रहने वाले इस क्षेत्र में रक्षाबंधन के दिन जब ग्रामीण बहनों ने मुस्कुराते हुए CRPF जवानों की कलाई पर राखी बांधी, तो यह दृश्य बदलते कोल्हान और मजबूत होते विश्वास की बेहद भावुक तस्वीर बन गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों, अभिभावकों एवं बच्चियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
“सीआरपीएफ सदा अजेय”
“भारत माता की जय”












