रक्षाबंधन पर घर-घर गूंजा प्रेम और अपनत्व का मधुर एहसास, बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी विश्वास की डोर
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
भाई-बहन के पवित्र, अटूट और आत्मीय प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार को पूरे देश के शहरों से लेकर गांवों तक हर्षोल्लास, उमंग और भावनाओं के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कहीं बहन की आंखों में भाई के लिए प्यार छलका, तो कहीं भाई ने बहन की मुस्कान को अपनी सबसे बड़ी खुशी मानते हुए उसकी रक्षा का संकल्प लिया। रक्षाबंधन ने एक बार फिर रिश्तों की उस खूबसूरत डोर को मजबूत किया, जिसे समय और दूरियां भी कभी कमजोर नहीं कर सकतीं।

सुबह से ही घरों में दिखी उत्सव की रौनक
रक्षाबंधन को लेकर सुबह से ही घर-आंगन में उत्सव जैसा माहौल रहा। भाई-बहनों ने स्नान कर पूजा-पाठ किया और नए अथवा पारंपरिक परिधान पहनकर पर्व की तैयारियां शुरू कीं। बहनों ने पूरे प्रेम और श्रद्धा के साथ पूजा की थाली सजाई। थाली में दीप, चंदन, रोली, अक्षत, राखी और मिठाई को सलीके से सजाकर भाई के सामने बैठीं।

तिलक, आरती और राखी ने सजाया भाई की कलाई
बहनों ने सबसे पहले भाइयों के माथे पर चंदन और रोली का तिलक लगाया। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती उतारी और बड़े स्नेह से उनकी कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधते समय बहनों ने अपने भाइयों की सुख-समृद्धि, लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके बाद भाइयों का मुंह मिठाई से मीठा कराया गया।
उस पल में भाई की कलाई पर बंधा एक छोटा सा धागा केवल राखी नहीं, बल्कि बचपन की अनगिनत यादों, प्यार, विश्वास और जीवनभर एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का वादा बन गया।

बहनों के लिए भाई बने सुरक्षा की मजबूत ढाल
राखी बंधवाने के बाद भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार, आभूषण, पैसे, कपड़े और मिठाइयां भेंट कीं। कई भाइयों ने बहनों को उनकी पसंद के उपहार देकर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। इसके साथ ही भाइयों ने जीवनभर अपनी बहनों की रक्षा, सम्मान और हर सुख-दुख में साथ देने का संकल्प लिया।

दूरियां भी नहीं रोक सकीं रिश्तों की मिठास
कई भाई-बहन नौकरी, पढ़ाई अथवा अन्य कारणों से एक-दूसरे से दूर रहते हैं। ऐसे भाई-बहनों ने फोन, वीडियो कॉल और संदेशों के माध्यम से एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। दूर रहकर भी दिल एक-दूसरे के बेहद करीब रहे। कई बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखी डाक या अन्य माध्यमों से पहले ही भेज दी थी।

राखी का धागा देता रहा रिश्तों को मजबूती
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और उपहार देने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का जीवंत एहसास है। बचपन में साथ खेलते, लड़ते-झगड़ते और फिर पल भर में एक-दूसरे को मना लेने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं, तो यही यादें उनके रिश्ते की सबसे खूबसूरत पूंजी बन जाती हैं।

रक्षाबंधन पर बंधी राखी मानो यही संदेश देती है कि समय बदल सकता है, परिस्थितियां बदल सकती हैं और दूरियां बढ़ सकती हैं, लेकिन भाई-बहन के स्नेह की डोर कभी नहीं टूटती। यही इस पर्व की सबसे बड़ी खूबसूरती और इसकी आत्मा है।












