झारखंड आंदोलनकारी सुनील सिरका ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, सड़क मरम्मत और रात में अवैध भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की मांग
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिले में सिंहपोखरिया से कुमारडुंगी वाया बलंडिया तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर झारखंड आंदोलनकारी सुनील सिरका ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क की अविलंब मरम्मत, इसका उच्चस्तरीय सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित करने तथा रात के समय अवैध रूप से चलने वाले भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

15-16 साल पहले बनी सड़क, अब गड्ढों में तब्दील
सुनील सिरका के अनुसार, पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क का निर्माण लगभग 15-16 वर्ष पूर्व कराया गया था। लंबे समय से समुचित देखरेख और मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बने बड़े-बड़े और गहरे गड्ढों ने इस मार्ग पर आवागमन को जोखिम भरा बना दिया है।
उन्होंने कहा कि यह सड़क आसपास के गांवों और कस्बों को जोड़ने के साथ-साथ आम लोगों, व्यवसायियों, यात्रियों और अंतरराज्यीय परिवहन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली दूर करने के लिए ठोस पहल नहीं होना चिंता का विषय है।

मंत्री के पैतृक गांव के पास सड़क की बदहाली पर उठाए सवाल
सुनील सिरका ने कहा कि इसी मुख्य मार्ग के किनारे झारखंड सरकार के परिवहन एवं राजस्व मंत्री दीपक बिरुवा का पैतृक गांव सिंदरीगौरी और उनका आवास स्थित है। मंत्री का इस मार्ग से लगातार आना-जाना भी होता है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होना सरकारी व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि जब मंत्री के गृह क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण सड़क की स्थिति ऐसी है, तो दूरदराज के ग्रामीण इलाकों की सड़कों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
रात के अंधेरे में भारी वाहनों के परिचालन का आरोप
झारखंड आंदोलनकारी ने आरोप लगाया कि रात के समय इस मार्ग पर क्षमता से अधिक भारी वाहनों, विशेषकर लौह अयस्क लदे ट्रकों का परिचालन हो रहा है। उनका दावा है कि यह मार्ग ऐसे भारी वाहनों के परिचालन के लिए निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क को व्यापक नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि रात में चलने वाले भारी वाहनों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
अंतरराज्यीय बसों और सैकड़ों वाहनों की आवाजाही प्रभावित
सिरका ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों स्थानीय वाहन गुजरते हैं। मझगांव, कुमारडुंगी, बेनीसागर, खैरपाल और जैतगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके अलावा रांची से भुवनेश्वर तक चलने वाली अंतरराज्यीय बसें भी इस मार्ग से आवागमन करती हैं।
सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों, यात्रियों और ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। सिरका के मुताबिक, इस जर्जर सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं।
सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी का आरोप
सुनील सिरका ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि जनता की बुनियादी समस्याओं से आंखें मूंदे बैठी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग रोजाना खराब सड़क पर जोखिम उठाकर सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित तत्परता नहीं दिखा रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर जनता को लगातार परेशानी झेलनी पड़े, यह किसी भी जिम्मेदार शासन व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। जनहित के मुद्दों पर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

उपायुक्त से अविलंब निरीक्षण और मरम्मत शुरू कराने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से सुनील सिरका ने उपायुक्त से मांग की है कि सिंहपोखरिया-कुमारडुंगी वाया बलंडिया पथ का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन कराते हुए उच्चस्तरीय मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य अविलंब शुरू कराया जाए।
इसके साथ ही रात के समय इस मार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत और भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण से ही स्थानीय लोगों, राहगीरों और बस यात्रियों को राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कितनी तत्परता दिखाता है और जर्जर सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।








