26 अक्टूबर को स्कूल लाएं पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सुरक्षित निस्तारण के साथ पर्यावरण संरक्षण में निभाएं अपनी जिम्मेदारी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरु। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु ने एक सराहनीय पहल की है। विद्यालय की ओर से सोमवार, 26 अक्टूबर को ई-कचरा संग्रहण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य घरों में बेकार पड़े पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को एकत्रित कर उनका सुरक्षित एवं जिम्मेदार तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

प्राचार्य का संदेश—छोटी पहल, बड़े बदलाव की शुरुआत
प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार ने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। आज तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग के साथ ई-कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। ऐसे में पुराने मोबाइल, खराब चार्जर, बैटरी, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को इधर-उधर फेंकने के बजाय उनका सुरक्षित संग्रहण और उचित निस्तारण करना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सोमवार, 26 अक्टूबर को अपने घरों में अनुपयोगी पड़े पुराने या खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान विद्यालय लेकर आएं, ताकि उन्हें निर्धारित संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से रिसाइक्लिंग एवं सुरक्षित निस्तारण के लिए भेजा जा सके।
पुराने मोबाइल से लेकर खराब लैपटॉप तक जमा कर सकेंगे ई-कचरा
विद्यालय की ओर से जारी अभियान संदेश में ई-कचरे के विभिन्न उदाहरण भी दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी आसानी से पहचान सकें कि किन वस्तुओं को संग्रहण अभियान में शामिल किया जा सकता है।
इसके तहत पुराने मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, बैटरियां, ईयरफोन, हेडफोन, खराब लैपटॉप, टैबलेट, की-बोर्ड, माउस, कैमरे, स्पीकर, राउटर और मॉडेम जैसे अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने अभिभावकों की सहायता से घरों में रखे ऐसे उपकरणों की पहचान करें और उन्हें अभियान में शामिल करें। हालांकि, टूटी बैटरियों या क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को स्वयं खोलने अथवा छेड़छाड़ करने से बचें।
ई-कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य घरेलू कचरे के साथ फेंकना पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इनमें मौजूद कुछ पदार्थ मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं। वहीं, बैटरियों तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक हिस्सों का अनुचित निस्तारण मानव स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
ई-कचरे का उचित संग्रहण, पुनः उपयोग और अधिकृत माध्यम से रिसाइक्लिंग ऐसे खतरों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु का यह अभियान विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देगा।
बच्चों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विद्यालय में आयोजित इस तरह की पहल का महत्व केवल ई-कचरा एकत्रित करने तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में बचपन से ही स्वच्छता, संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।
विद्यार्थी अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खुले स्थानों, नालियों या सामान्य कूड़ेदान में फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रहण केंद्रों अथवा अधिकृत ई-कचरा प्रबंधन एजेंसियों तक पहुंचाया जाए।
स्वच्छ एवं हरित भविष्य के लिए आगे आने की अपील
प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार की अपील है कि सभी छात्र-छात्राएं इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाएं।
विद्यालय का संदेश स्पष्ट है—“ई-कचरा मत फेंकें, जिम्मेदारी से दें; रिसाइक्लिंग करें, धरती को बचाएं।”
26 अक्टूबर का यह ई-कचरा संग्रहण अभियान विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का अवसर है। आइए, हम सब मिलकर ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण का संकल्प लें और स्वच्छ, सुंदर तथा हरित भविष्य के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।











