ब्लड कैंसर से जूझ रहे मंगता सुरीन ने रिम्स, रांची में ली अंतिम सांस, सेल गुवा खदान में बेरोजगारों के रोजगार की लड़ाई में निभाई थी अहम भूमिका
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा के कासिया पेचा गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मंगता सुरीन के निधन से पूरे सारंडा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह ब्लड कैंसर से पीड़ित थे, लेकिन बीमारी का पता काफी विलंब से चलने के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी।

बेरोजगारों के रोजगार के लिए उठाई थी बुलंद आवाज
मंगता सुरीन केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के हक और रोजगार के सवाल को लेकर संघर्ष करने वाले जुझारू व्यक्ति के रूप में भी जाने जाते थे। पिछले दिनों उनके नेतृत्व में सेल की गुवा खदान में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया गया था। इस आंदोलन के माध्यम से उन्होंने स्थानीय युवाओं के भविष्य और रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
निधन की खबर से शोकाकुल हुआ सारंडा
मंगता सुरीन के निधन की खबर सामने आने के बाद सारंडा के विभिन्न गांवों में शोक का माहौल है। उनके निधन को सामाजिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने वाले व्यक्ति के रूप में रही।
गांव में होगा अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, मंगता सुरीन का पार्थिव शरीर आज उनके गांव कासिया पेचा पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और परिचितों के पहुंचने की उम्मीद है। उनके निधन से परिवार और शुभचिंतकों में गहरा दुख है।
मंगता सुरीन का संघर्ष और स्थानीय बेरोजगारों के रोजगार के लिए उठाई गई आवाज क्षेत्र के लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी।











