सेल मेघाहातुबुरू खदान की पहल, राउरकेला के डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में कराया गया नामांकन
रिपोर्ट शैलेश सिंह
मेघाहातुबुरू। सेल, मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान प्रबंधन ने अपने निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत सारंडा क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत खदान के आसपास के गांवों एवं प्रभावित क्षेत्रों के 10 युवाओं का राउरकेला स्थित डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में तीन वर्षीय GNM (General Nursing and Midwifery) कोर्स में नामांकन कराया गया है।

स्थानीय युवाओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल
सेल प्रबंधन की इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के ऐसे युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है, जिन्हें आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के कारण उच्च अथवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नर्सिंग जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम से जुड़कर ये युवा भविष्य में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।
तीन वर्षों तक चलेगा GNM कोर्स
चयनित सभी 10 युवा राउरकेला के डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में तीन वर्षीय GNM पाठ्यक्रम की पढ़ाई करेंगे। पाठ्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नर्सिंग शिक्षा के साथ-साथ अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्राप्त होगा। इससे उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षता विकसित करने का अवसर मिलेगा।
सारंडा के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं पर फोकस
सेल की मेघाहातुबुरू लौह अयस्क खदान आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में CSR के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां संचालित करती रही है। इसी कड़ी में युवाओं को नर्सिंग शिक्षा से जोड़ने की यह पहल क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नर्सिंग शिक्षा से रोजगार की राह होगी आसान
GNM कोर्स पूरा करने के बाद युवाओं के सामने अस्पतालों, स्वास्थ्य संस्थानों एवं अन्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को पेशेवर प्रशिक्षण मिलने से वे अपने पैरों पर खड़े होने के साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी योगदान दे सकेंगे।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवा में योगदान का अवसर
इस पहल की खास बात यह है कि इसका लाभ प्राप्त करने वाले युवा केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता तैयार नहीं करेंगे, बल्कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा भी कर सकेंगे। सारंडा जैसे दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र से आने वाले युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होना स्थानीय स्तर पर भी उपयोगी साबित हो सकता है।
CSR को रोजगारपरक बनाने की दिशा में कदम
सेल मेघाहातुबुरू का यह प्रयास CSR गतिविधियों को केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की दिशा में देखा जा रहा है। 10 युवाओं को तीन वर्षीय GNM प्रशिक्षण का अवसर मिलने से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों में भी व्यावसायिक शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
सेल प्रबंधन की इस पहल से मेघाहातुबुरू खदान के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपने भविष्य के लिए एक नई दिशा मिली है। यदि इस प्रकार की रोजगारोन्मुख शिक्षा एवं कौशल विकास योजनाओं को निरंतर विस्तार दिया जाता है, तो सारंडा क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सीमित अवसरों से आगे बढ़कर व्यापक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर मिल सकता है।











